नई दिल्ली, प्रेट्र। एक प्रमुख भारतीय-अमेरिकी व्यापारिक संगठन ने वीजा मुद्दे का समाधान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शीघ्र अमेरिका दौरे का समर्थन किया है। संगठन का मानना है कि प्रधानमंत्री की यात्रा से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़े वीजा नियमों की अड़चनें दूर करने में मदद मिल सकती है। वीजा नियमों में कड़ाई से 100 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा के भारतीय तकनीकी उद्योग पर प्रभाव पड़ रहा है।

इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कामर्स (आइएसीसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एनवी श्रीनिवासन ने कहा, 'भारत और अमेरिका के सामने गलतफहमी और जरूरत से ज्यादा हस्तक्षेप खत्म करने का यही उचित समय है।' अमेरिकियों के लिए रोजगार के संकट का कारण कौशल संपन्न भारतीय कामगारों को एच-1बी वीजा जारी होना माना जा रहा है।

उन्होंने कहा, 'खबरों से पता चलता है कि वीजा नियम और कड़े किए जा सकते हैं। एच-1बी वीजा निलंबित होने से भारतीय उद्योग प्रभावित हो रहा है। मुद्दे के समाधान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच उच्चस्तर पर वार्ता की दरकार है।' उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तकनीकी बदलाव लाने में भारतीय कामगारों के योगदान को नजरअंदाज किया जा रहा है।

एच-1बी सुधार बिल का ट्रंप ने किया समर्थन

अमेरिकी सांसद डैरेल इसा ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी वीजा पर सुधार बिल का समर्थन किया है। बिल में एच-1बी वीजा पर काम करने वालों के न्यूनतम वेतन में वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है। सांसद ने आरोप लगाया है कि भारतीय कंपनियों ने अमेरिकी आव्रजन प्रणाली के साथ खिलवाड़ किया है। सांसद ने बिल पेश किया है। उन्होंने कहा है कि इस कदम से प्रतिभाशाली लोगों को अमेरिका लाया जा सकेगा और मौजूदा प्रणाली की चूक दूर होगी।

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Posted By: Mohit Tanwar

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