चेन्नई। सरकारी पद पर रहते हुए धार्मिक सभाओं में उपदेश देने और धर्म प्रचार करने को लेकर विवादों में घिरे तमिलनाडु काडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के आधिकारी उमाशंकर राय ने अपनी सफाई में कहा है कि धार्मिक सभाओं में उपदेश देने और किसी धर्म के प्रचार करने का उन्हें मौलिक अधिकार हासिल है। उमाशंकरा राय ने कहा कि न तो प्रदेश सरकार न ही केंद्र सरकार उन्हें एेसा करने से रोक सकती है। उन्होंने कहा कि मैं कोई गलत काम नहीं कर रहा।

उमाशंकर राय ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि एक आइएएस अधिकारी अपने धर्म का पालन नहीं कर सकता यह विचार उन्हें कहां मिला। गौरतलब है कि राय एक आइएएस अधिकारी के तहत पद पर रहते हुए धार्मिक सभाओं में जाते हैं, वहां उपदेश देते हैं इसे लेकर विवाद के बाद प्रदेश सरकार की ओर से उनसे एेसा करने से मना किया गया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उनके खिलाफ केस भी दर्ज किए गए हैं।

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Posted By: Sudhir Jha

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