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हैदराबाद, एएनआइ। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने बकरीद (Eid al Adha) के मौके पर मुस्लिम समुदाय से गाय की बलि नहीं देने का अनुरोध किया है। ऐसे जानवरों की भी बलि नहीं देने को कहा है, जिनका वध कानून के तहत अपराध घोषित किया गया है।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इंकलाब-ए-मिल्लत के अध्यक्ष और सूफी अकादमी के सचिव सैय्यद तारिक कादरी ने कहा, 'इस्लाम मूल रूप से शांति का धर्म है। यह भाईचारा, शांति से रहना सिखाता है। बकरीद के मौके पर मैं समाज के सभी लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे कानून का पालन करें और गाय की कुर्बानी नहीं दें। इस्लाम हमें उस भूमि का सम्मान करने की सीख देता है, जहां हम रहते हैं।'

ऑल इंडिया सुन्नी उलेमा बोर्ड के सैय्यद शाह हमीद हुसैन सुतारी ने कहा, 'पिछले दो वर्षों से हम लोगों से गायों और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी नहीं करने का अनुरोध कर रहे हैं। हम भेड़ और ऊंट जैसे जानवरों की कुर्बानी देते हैं। गैर मुस्लिम गाय का सम्मान करते हैं और उसे पवित्र मानते हैं, ऐसे में हमें उसकी कुर्बानी को रोकना होगा।'

बता दें कि बकरीद को बड़ी ईद भी कहा जाता है। मान्यता है कि बकरीद इस्लामिक कैलेंडर की तारीख को देखे जाने वाले चांद के मुताबिक होती है। इस बार 12 अगस्त को बकरीद है जोकि इस्लामिक कैलेंडर में ज़ु-अल-हज्जा माह की 10वीं तारीख है।

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Posted By: Dhyanendra Singh

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