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हैदराबाद: बशीरबाग चौराहे से प्रशासन ने हटाई भगवान राम की मूर्ति, दशहरे पर हिंदू संगठनों ने की थी स्थापित

Published: Sat, 24 Oct 2026 08:53 PM (IST)

हैदराबाद के बशीरबाग चौराहे से भगवान राम की प्रतिमा को विवाद के बाद हटा दिया गया है। विश्व हिंदू परिषद ...और पढ़ें

हैदराबाद में नामकरण विवाद के बीच बशीरबाग से हटाई गई भगवान राम की मूर्ति(फोटो: सोशल मीडिया)

हैदराबाद में नामकरण विवाद के बीच बशीरबाग से हटाई गई भगवान राम की मूर्ति(फोटो: सोशल मीडिया)

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डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के बशीरबाग चौराहे पर दशहरा उत्सव के दौरान स्थापित की गई भगवान राम की प्रतिमा को मंदिर प्रबंधन ने हटा लिया है।

यह कदम विश्व हिंदू परिषद (विहिप) द्वारा इस चौराहे का नाम बदलकर श्रीराम चौक करने की मांग के बाद उपजे विवाद के चलते उठाया गया। नागरिक प्रशासन के निर्देश और मजलिस बचाओ तहरीक (एमबीटी) नेता की शिकायत के बाद कनक दुर्गा मंदिर प्रबंधन ने प्रतिमा को हटाया।

कैसे हुई विवाद की शुरुआत?

यह प्रतिमा नवरात्रि और दशहरा उत्सव के तहत कनक दुर्गा मंदिर के पास बशीरबाग चौराहे पर लगाई गई थी। विवाद तब शुरू हुआ जब विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता रविनाथला शशिधर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर बशीरबाग जंक्शन का नाम बदलकर श्रीराम चौक करने की मांग उठाई।

इस मांग के सामने आने के बाद कुछ वर्गों की ओर से यह सवाल भी उठाए जाने लगे कि बशीर कौन थे, जिनके नाम पर इस इलाके का नाम रखा गया था और समाज में उनका क्या योगदान था।

इन सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए एमबीटी नेता अमजद उल्लाह खान ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि बशीरबाग का नाम बशीर-उद-दौला नवाब असमां जाह बहादुर के नाम पर रखा गया था।

वह 1887 से 1894 के बीच तत्कालीन हैदराबाद रियासत के प्रधानमंत्री रहे थे। इसके साथ ही उन्होंने प्रतिमा को लेकर प्रशासनिक स्तर पर शिकायत भी दर्ज कराई थी।

सरकार और पुलिस पर विपक्ष के गंभीर आरोप

प्रतिमा हटाए जाने के बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है। सरूरनगर से ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) की पूर्व पार्षद आकुला श्रीवाणी ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए राज्य की कांग्रेस सरकार और पुलिस प्रशासन पर हिंदू भावनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

आकुला श्रीवाणी ने कहा कि हमने भगवान श्रीराम की प्रतिमा स्थापित करने और आधिकारिक तौर पर इस चौराहे का नाम श्रीराम चौक रखने का औपचारिक अनुरोध किया था। इसके बावजूद प्रतिमा को हटा दिया गया, जो सरकार और पुलिस प्रशासन की लाचारी को दर्शाता है।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि प्रशासन ने ओवैसी बंधुओं और अन्य नेताओं के दबाव में आकर यह कदम उठाया है और सरकार एकतरफा कार्रवाई कर रही है।

इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई

भगवान राम की प्रतिमा हटाए जाने के बाद किसी भी संभावित तनाव या अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस सतर्क हो गई है।

बशीरबाग चौराहे और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है तथा पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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