बिश्रामपुर (नईदुनिया)। छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में अंधविश्वास खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इस बार ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर लोग दंग हैं। एक व्यक्ति अपनी मृत पत्नी को दोबारा जीवित कराने की आस लेकर अंधविश्वास के चक्कर में ऐसा फंसा कि मौत के छह माह बाद तक पत्नी का शव घर में रखकर तांत्रिक क्रिया करवाता रहा। इस दौरान शव गलकर कंकाल में बदल गया। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है।

पुलिस के अनुसार बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रामनगर के डबरीपारा निवासी आदिवासी समाज की कलेश्वरी देवी (50) पत्नी शोभनाथ गोंड की मौत फरवरी माह में शिवरात्री के दिन किसी बीमारी की वजह से हो गई थी। शोभनाथ व उसके बेटे ने अंतिम क्रिया करने की बजाए कमलेश्वरी के शव को जिंदा कराने की तांत्रिक क्रिया करानी शुरू कर दी। छह माह से अधिक समय तक आसपास के तांत्रिक रोज तंत्र क्रिया करते रहे।

ऐसे खुला मामला

इस बीच शुक्रवार को सोहागपुर निवासी कलेश्वरी का भाई विफल सिंह उसके रामनगर स्थित घर पहुंचा तो मामले का खुलासा हुआ। उसने सूचना विश्रामपुर पुलिस को दे दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। तांत्रिकों की तलाश भी की जा रही है।

Posted By: Nancy Bajpai