नई दिल्ली। Coronavirus Precautions: कोरोना वायरस डिजीज-19 (कोविड-19) के प्रकोप ने दुनिया भर में लोगों की आदतों में बदलाव ला दिया है। सैनिटाइजेशन और बार-बार हाथ धोना इनमें शुमार है। लेकिन इसके बारे में भी जानना जरूरी है कि घरेलू कामकाज करते समय किन बातों का ख्याल रखें ताकि घर को भी कोविड-19 प्रूफ और स्वच्छ बनाए रख सकें। डेली मेल के अनुसार रॉयल सोसायटी फॉर पब्लिक हेल्थ की ट्रस्टी तथा अध्यक्ष लिसा एकरेले, ऑनलाइन मेडिकल सर्विस डॉक्टर-4-यू के कंसलटेंट फार्मासिस्ट जेम ओलोन तथा कॉमर्शियल क्लीनिंग फर्म क्लीनोलॉजी के सीईओ डोमिनिक पोन्न्यिाह जैसे विशेषज्ञों की कुछ सलाह:

इन मौकों पर अवश्य धोएं हाथ:

सफाई के लिए गंदे कपड़े निकालने और साफ कपड़े लेने से पहले।

बाहर से घर लौटने या खरीददारी या व्यायाम करने के तत्काल बाद।

जहां तक संभव हो सके चेहरा छूने से पहले। खासकर यदि घर लौट रहे हों तो जरूर ही।

डिशवेयर को लोड करने के बाद, क्योंकि हो सकता है कि प्लेट खाली होने के बाद या पहले संक्रमित हों।

यदि आप कहीं से कार से आए हैं तो घर का सामान छूने से पहले। इसके लिए कार में एंटी बैक्टीरियल वाइप्स रखें।

गंदे हाथ कटलरी को संक्रमित कर सकते हैं। इसलिए खाने-पीने की कोई भी सामान लेने से पहले भी ताकि ग्लास, मग, क्रॉकरी या कटलरी को संक्रमित होने से बचा सकें।

फैब्रिक कंडीनशर से करें तौबा : यद्यपि फैब्रिक सॉफ्टनर या कंडीशनर कपड़ों को सुगंधित तथा मुलायम बनाते है लेकिन यह उस पर एक अदृश्य परत भी छोड़ता है। जब आप कपड़े पहनते हैं तो यह आप तक पहुंच जाता है। यह भले ही थोड़ा अटपटा लगे लेकिन फैब्रिक सॉफ्टनर को छोड़ने से धूल कणों की संख्या कम हो जाती है।

त्वचा की पपड़ी हटाते रहें : सप्ताह में एक-दो बार त्वचा की पपड़ी एब्रैसिव स्पॉन्ज से निकालते रहें ताकि डेड स्कीन निकल जाए और आपका त्वचा फ्रेश रहे। इसका फायदा यह भी है कि धूल को भी दूर रख सकते हैं।

महीने में एक बार सीलिंग और दीवार को वैक्यूम करें :

  • सोफा और कुर्सियों की सफाई के लिए रबड़ का दस्ताना पहनें।
  • यदि घर में किसी को अलर्जी है सप्ताह में कम से कम एक या दो बार डस्टिंग जरूर करें।
  • की-बोर्ड की सफाई के लिए एयर-स्प्रे का इस्तेमाल बाहर करें ताकि करें ताकि धूल घर के अंदर नहीं उड़े।
  • पौधों को भी धूल मुक्त रखें। इसके लिए वाटर स्प्रे के इस्तेमाल से बेहतर है कि कंप्रेस्ड एयर का इस्तेमाल करें। क्योंकि पानी के इस्तेमाल से फफूंद पनप सकता है।
  • घर के अंदर भी बहुत सारे छोटे धूल कण होते हैं, जो सांसों के जरिए फेफड़े तक पहुंचते हैं। यह स्थिति खासकर अस्थमा रोगियों के लिए बहुत ही खतरनाक होता है। इसलिए झाड़ू-पोछा करने से पहले महीने में कम से कम एक बार सीलिंग और दीवार को वैक्यूम जरूर करें।

बैम्बो टॉयलेट रोल का करें इस्तेमाल : नॉन-पेपर टॉयलेट रोल पारंपरिक टॉयलेट का अच्छा विकल्प है। इसके लिए बैम्बो टॉयलेट पेपर शीट का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसे फाड़ने पर छोटे धूल कण नहीं निकलते हैं। इसका इस्तेमाल किचन रोल और टिशू पेपर के विकल्प के रूप में भी किया जा सकता है। हालांकि बैम्बो पेपर रेगुलर टिशू पेपर से थोड़ा महंगा जरूर है लेकिन अब यह लोकप्रिय हो रहा है।

घर के बाहर करें कंघी और मेकअप :

  • पालतू पशुओं के लिए भी यही तरीका अपनाएं।
  • हेयर स्प्रे तथा ड्राई शैंपू के इस्तेमाल से भी बचें।
  • बाल संवारने के लिए कंघी घर के बाहर करें ताकि स्काल्प स्किन (रुसी) घर के अंदर नहीं गिरे।
  • जब धूप नहीं हो तो मेक-अप घर के बाहर लगाएं। इससे मेक-अप के सामानों से बनने वाले धूल से बचा जा सकेगा। आइशैडो, पॉवडर तथा चमकदार उत्पाद घूल पैदा करते हैं।

Posted By: Sanjay Pokhriyal

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