भारत-US ट्रेड डील से किसानों को कितना फायदा? पीयूष गोयल ने संसद में बताई एक-एक बात
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बयान दिया। उन्होंने बताया कि समझौते में खाद्य, कृषि ...और पढ़ें
-1770221388030_m.webp)
भारत-US ट्रेड डील से किसानों को कितना फायदा (फाइल फोटो)
HighLights
समझौता भारत की खाद्य, कृषि संवेदनशीलता का ध्यान रखता है।
भारत-अमेरिका संबंध मजबूत होंगे, 2047 विकसित भारत लक्ष्य।
ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, आपूर्ति में विविधता महत्वपूर्ण।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बुधवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में बयान देते हुए कहा है कि इस ऐतिहासिक समझौते में खाद्य, कृषि और डेयरी क्षेत्र में भारत की संवेदनशीलता का पूरा ख्याल रखा गया है।
उन्होंने इस समझौते को भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने के साथ ही वर्ष 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य को गति देने वाला भी बताते हुए कहा कि यह दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच मजबूत जुड़ाव को दर्शाता है, जो साझा समृद्धि के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
पीएम मोदी और ट्रंप की हुई बात
सोमवार को देर रात पीएम नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बीच टेलीफोन पर बात होने के बाद ट्रेड डील की घोषणा की गई थी।रूस से तेल खरीद को लेकर लगाये जा रहे कयासों पर गोयल ने कहा कि, “मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि जैसाकि सरकार ने कई बार सार्वजनिक तौर पर कहा है कि 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा आवश्यकताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
वस्तुनिष्ठ बाजार परिस्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय परि²श्य के अनुरूप ऊर्जा आपूर्ति में विविधता लाना हमारी कार्यनीति का मूल आधार है। भारत की सभी कार्रवाइयां इसी को ध्यान में रख कर की जाती हैं।''
गोयल ने अमेरिका व भारत की अर्थव्यवस्था को एक दूसरे के पूरक बताते हुए कहा कि जैसे जैसे भारत विकास पथ पर बढ़ रहा है उसे ऊर्जा, विमानन, डेटा केंद्र, परमाणु ऊर्जा आदि क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को बढ़ाने की जरूरत है।
क्या है आगे की रणनीति?
अमेरिका इन क्षेत्रों का अग्रणी देश है, जिससे न केवल हमारी खरीद बढ़ेगी बल्कि हमारा निर्यात भी बढ़ेगा। हमारा अनुमान है कि कई क्षेत्रों में अमेरिका को भारत का निर्यात बढ़ेगा।अब आगे की रणनीति के बारे में गोयल ने कहा कि दोनों पक्ष अब तकनीकी प्रक्रियाओं और कागजी कार्रवाई को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
समझौते की विस्तृत रूपरेखा इन प्रक्रियाओं के समापन के बाद शीघ्र घोषित की जाएगी। गोयल ने समझौते को राष्ट्रीय हित में बताते हुए कहा कि यह विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत दोनों को सशक्त बनाएगा।
