नई दिल्ली, एजेंसियां। ब्रिटेन समेत कई यूरोपीय देशों में कोरोना वायरस का एक नया वैरिएंट(स्वरूप) सामने आने से हड़कंप मचा हुआ है। ब्रिटेन समेत कई यूरोपीय देशों में इस नए वैरिएंट के कारण कोरोना के मामलों में तेजी आई है। ब्रिटेन में तो इस नए वैरिएंट के कारण कोरोना संक्रमितों की संख्या बीते तीन दिनों से 50 हजार के आसपास है। कोरोना महामारी की खत्म होती दिख रही जंग को इस नए वैरिएंट ने फिर से चुनौतीपूर्ण बना दिया है। ब्रिटेन और यूरोपीय देशों के बाद अब एशिया में भी कोरोना वायरस का ये नया वैरिएंट फैल रहा है। रूस और इजरायल से डेल्‍टा स्‍ट्रेन के एक सब-वेरिएंट के मामले पता चले हैं।

ब्रिटेन में बिगड़े हालात

ब्रिटेन में कोरोना संक्रमितों की संख्या बीते तीन दिनों से 50 हजार के करीब है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के विकसित रूप की वजह से ऐसा हो रहा है। उनका कहना है कि अगर कोविड-19 का यह रूप जल्द नहीं रोका गया, तो ब्रिटेन में जल्द ही चौथी लहर आ सकती है।

क्या है कोरोना का नया वैरिएंट, कितना खतरनाक?

ब्रिटेन में पाए गए इस नए कोरोना वैरिएंट का नाम- AY.4.2 है। इसे डेल्टा प्लस वैरिएंट भी कहा जा रहा है क्योंकि ये डेल्टा वैरिएंट का ही सब-लीनिएज है। इस वैरिएंट को मूल डेल्‍टा वैरिएंट से 10 से 15% ज्‍यादा संक्रामक बताया जा रहा है। हालांकि, अभी विशेषज्ञ यही कह रहे हैं कि इसके बड़े पैमाने पर फैलने की संभावना कम है मगर इसकी जांत की जा रही हैं। अगर ज्‍यादा मामले सामने आते हैं तो विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) की ओर से इस वैरिएंट वैरिएंट को 'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्‍ट'(Variant of Interest) की लिस्‍ट में शामिल किया जा सकता है। अगर इसके बावजूद मामले और तेजी से बढ़ते गए तो इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न(Variant of Concern) की लिस्ट में रखा जाएगा।

कोरोना वायरस के नए वैरिएंट से जुड़ी प्रमुख बातें-

- UK में सामने आ रहे कोविड-19 के 80% मामलों के पीछे AY.4.2।

- डेल्‍टा वेरिएंट के मुकाबले 10 से 15 प्रतिशत ज्‍यादा संक्रामक है AY.4.2।

- दुनियाभर में डेल्‍टा के 45 सब-लीनिएज मिले हैं, AY.4.2 में दो म्‍यूटेशंस हैं।

- 'डेल्‍टा प्‍लस' बताए जा रहे AY.4.2 को लेकर चिंतित हैं दुनिया भर के वैज्ञानिक।

नया वैरिएंट बाकी वैरिएंट से कितना अलग?

AY.4.2 असल में डेल्‍टा वैरिएंट के एक सब-टाइप का प्रस्‍तावित नाम है। इसे दुनियाभर के कई देशों में पाया गया है। इसके स्‍पाइक प्रोटीन में दो म्‍यूटेशन Y145H और A222V हैं। जुलाई 2021 में यूके के एक्‍सपर्ट्स ने AY.4.2 की पहचान की। एक अनुमान के मुताबिक, इस नए सब-टाइप की यूके के नए मामलों में 8-9% की हिस्‍सेदारी है।

कोरोना वायरस का ये नया वैरिएंट अल्‍फा और डेल्‍टा वैरिएंट के मुकाबले में कम खतरनाक है। कहा जा रहा है कि कोरोना यह महामारी की रफ्तार को ज्‍यादा प्रभावित नहीं करेगा। एक रिपोर्ट के अनुसार संक्रामक बीमारियों के विशेषज्ञ विलियम शाफनर ने कहा कि अभी दुनिया को कई सारे वेरिएंट्स देखने को मिलेंगे। उन्‍होंने कहा कि 'अब जो कुछ भी होगा वह डेल्टा से आएगा।'

बचने का तरीका ?

कोविड-19 के किसी भी वैरिएंट से बचने का तरीका वही है। कोरोना टीके के दोनों डोज पूरी करें। कुछ देशों में नए वैरिएंट पर कंट्रोल के लिए बूस्‍टर डोज भी दिया जा रहा है। इसके अलावा कोविड समुचित व्‍यवहार बेहद जरूरी है, जैसे- सैनिटाइजर का इस्तेमाल, शारीरिक दूरी बनाकर रखना, मास्क का इस्तेमाल, भीड़-भाड़ और तंग जगहों में जाने से बचना आदि।

दुनिया के कई देशों में टीकाकरण (Vaccination) के बावजूद कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले बढ़ने लगे हैं। ऐसे में एक सवाल हमारे सामने दोबारा खड़ा हो रहा है कि क्या कोरोना के और भी नए वैरिएंट (Variant) सामने आ सकते हैं? अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा जैसे कई वैरिएंट के हमने नाम सुने। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान हमारे देश में डेल्टा वेरिएंट के खतरनाक इफेक्ट्स भी हमने देखे तो क्या अब भी वायरस की संरचना में म्यूटेशन होगा और क्या और भी खतरनाक वैरिएंट हमारे सामने आएंगे?

Edited By: Shashank Pandey