94 हजार टन एलपीजी लेकर आ रहे हैं टैंकर, होर्मुज में अब भी 18 भारतीय जहाज फंसे; सरकार ने बनाया ये प्लान
होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में अभी भी 18 भारतीय जहाज फंसे हैं, जबकि 94 हजार टन एलपीजी लेकर दो टैंकर ...और पढ़ें

अगले दो दिनों में भारतीय तट पर तकरीबन 94 हजार टन एलपीजी के साथ पहुंचेंगे जहाज

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में अभी भी 18 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं और इनको लाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। होर्मुज मार्ग से छह भारतीय जहाज निकल चुके हैं। इनमें से चार भारत पहुंच चुके हैं जबकि दो अगले दो दिनों में भारतीय तट पर तकरीबन 94 हजार टन एलपीजी के साथ पहुंचेंगे।
इनके आने से देश में एलपीजी आपूर्ति की स्थिति और बेहतर होगी। यह जानकारी जहाजरानी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां दी। उन्होंने यह भी बताया कि भारत आ रहे एलपीजी जहाजों को दोबारा एलपीजी लाने के लिए अभी नहीं भेजा जा रहा।
आपसी विमर्श पर हो रहा काम
अभी स्थिति ऐसी नहीं है कि खाड़ी के क्षेत्र में एलपीजी की खरीद हो सके। इसके साथ ही यमन के हुती आतंकी संगठन की तरफ से इजरायल पर हमला किए जाने से स्थिति के बिगड़ने की बात भी भारतीय अधिकारी स्वीकार कर रहे हैं। भारतीय अधिकारी के मुताबिक सरकार की पहली कोशिश यह है कि होर्मुज व खाड़ी के क्षेत्र में जो भी भारतीय जहाज हैं उनको सुरक्षित स्वदेश लाया जाए।
इसके लिए सरकार के विभिन्न विभागों के बीच आपसी विमर्श से काम हो रहा है। अभी भी होर्मुज के पश्चिम में कच्चे तेल से भरे चार और एलएनजी से भरे तीन विदेशी जहाज फंसे हैं जिन्हें भारत को आपूर्ति करनी है। इन्हें दोबारा एलपीजी खरीद के लिए भेजने पर बात नहीं हो रही है।
पूरा खाड़ी क्षेत्र जोखिम वाला
साथ ही होर्मुज के बाद हुती समूह की तरफ से किए गये हमले के बाद तकरीबन पूरा खाड़ी का क्षेत्र अब ज्यादा जोखिम वाला बन गया है। इसकी वजह से वहां से जहाज से माल की ढुलाई और महंगी हो गई है। यह इसलिए भी चिंता की बात है कि देश का 95 फीसद अंतरराष्ट्रीय कारोबार समुद्र मार्ग से ही होता है और यह इसमें ज्यादातर विदेशी जहाजों का इस्तेमाल होता है।
वैसे होर्मुज में फंसे 18 भारतीय जहाजों में अभी 484 भारतीय हैं और वो सभी सुरक्षित हैं। पिछले 72 घंटों से स्थिति स्थिर बनी हुई है। कुछ जहाजों में फंसे भारतीय मूल के नाविकों को सरकार धीरे धीरे वापस भी ला रही है। अभी तक 950 भारतीय नाविक भारत लाये जा चुके हैं।
