नईदुनिया (अंबिकापुर)। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह मौसम खराब होने के बाद भी छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित सीआरपीएफ कैंप पहुंचे और जवानों का हौसला बढ़ाया। गृहमंत्री को शाम पौने चार बजे पीजी कालेज के हेलीपैड पर उतरना था लेकिन तेज हवा के साथ बारिश होने लगी। अचानक मौसम का मिजाज बदलने से वह एक घंटे बाद शाम पांच बजे बारिश थमने के बाद अंबिकापुर पहुंचे। उनका हेलीपैड पर राज्य के मंत्रियों, सीआरपीएफ व पुलिस के आला अधिकारियों ने स्वागत किया।

इस बीच बस्तर में हुए नक्सली हमले में जवानों के शहीद होने से बड़ाखाना का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। सिंह के आगमन के पूर्व आंधी-बारिश से सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गई। शाम सात बजे से रात नौ बजे तक गृहमंत्री का समय सीआरपीएफ 62वीं बटालियन के अधिकारियों, जवानों के साथ आरक्षित था। माखन विहार स्थित 62वीं बटालियन परिसर में बड़ाखाना की तैयारी की गई थी, इसके लिए टेंट-पंडाल भी लगाया गया था। ये सारे इंतजाम आंधी-बारिश की भेंट चढ़ गए। वहीं ग्राम केपी में सोमवार को होने वाली पासिंग आउट परेड के लिए जो तैयारियां की गई थीं, उस पर भी पानी फिर गया। नए सिरे से तैयारियों को तेजी से पूरा किया जा रहा है।

देश की सीमा में घुसने वाले दुश्मन का होगा सफाया

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मध्य प्रदेश के सतना के कोठी में कहा कि पाकिस्तान अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहा है, इसलिए मैं सीना ठोककर कह रहा हूं कि देश की सीमा पर प्रवेश करने वालों (आतंकियों) का एक-एक कर सफाया किया जाएगा। मैं देशवासियों का मस्तक झुकने नहीं दूंगा। यदि दुश्मनों ने एक गोली चलाई तो हमारे जवानों की गोलियों को गिना नहीं जाएगा। वह रविवार को अमर शहीद ठा. रणमत सिंह की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय द्वारा इस आशय की एडवाइजरी जारी की जा रही है कि जिस गांव में शहीद हों, सेनानी हों, बलिदानी हों, उन लोगों के नाम पर पंचायत भवन, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्रों के नाम रखे जाएं।

Posted By: Arti Yadav

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