नई दिल्ली। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि मोदी सरकार में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने उग्रवादी संगठनों से बातचीत की किसी संभावना से साफ इन्कार किया है। उन्होंने कहा कि अन्य लोगों के लिए बातचीत के रास्ते हमेशा खुले हैं लेकिन किसी भी परिस्थिति में उग्रवादी संगठनों से बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है।

राजनाथ सिंह ने ये बातें गुवहाटी में चल रहे 19वें युवा महोत्सव के समापन समारोह में कही। राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में पूर्वोत्तर क्षेत्र के विद्रोही संगठनों की हिंसक गतिविधियों को रोकने के लिए युवाओं से अपील की। उन्होंने कहा कि ''विद्रोही संगठन गरीबों की समस्या को नहीं समझते।

उनके द्वारा गरीबों की हत्या की जा रही है। गरीबों से जबरन वसूली की जा रही है। ऐसे में युवाओं को चुप नहीं बैठना चाहिए बल्कि ऐसे संगठनों का मुकाबला करना चाहिए। उग्रवादी संगठन कितने भी शक्तिशाली हों उनसे डट कर मुकाबला करने का वक्त आ गया है।'' अंत में राजनाथ सिंह ने कहा कि ''मैं हिंसा और उग्रवाद से लड़ने के लिए युवाओं की मदद चाहता हूं।''

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Edited By: Gunateet Ojha