महंगे कच्चे माल की मार: 40 प्रतिशत क्षमता पर सिमटे एल्युमिनियम MSME, आयात शुल्क हटाने की मांग
भारत में एल्युमिनियम एमएसएमई महंगे कच्चे माल के कारण उत्पादन घटा रहे हैं, जिससे वे विदेशी उत्पादों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे हैं।

एल्युमिनियम एमएसएमई महंगे कच्चे माल के कारण उत्पादन घटा रहे हैं

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। एल्युमिनियम से जुड़े विभिन्न उत्पादों का निर्माण करने वाले एमएसएमई कच्चे माल की महंगी कीमत के चलते अपने उत्पादन में लगातार कटौती कर रहे हैं। कच्चा माल महंगा होने से विदेश से आने वाले एल्युमिनियम उत्पादों का मुकाबला घरेलू आइटम नहीं कर पा रहे हैं।
सस्ता होने से भारतीय बाजार में विदेशी माल की बिक्री अधिक हो रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे पत्र में एल्युमिनियम एक्सट्रूजन मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (एएलईएमएआइ) ने एल्युमिनियम पर लगने वाले 7.5 प्रतिशत सीमा शुल्क को समाप्त करने की मांग की है।
एसोसिएशन ने रखी 7.5% सीमा शुल्क हटाने की मांग
एसोसिएशन का कहना है कि देशभर में एल्युमिनियम से जुड़े उत्पाद का निर्माण करने वाले सैकड़ों एमएसएमई इन दिनों मात्र 40 प्रतिशत की उत्पादन क्षमता पर काम कर रहे हैं। इन उद्यमियों की सालाना उत्पादन क्षमता 30 लाख टन की है जबकि उत्पादन सिर्फ करीब 12 लाख टन का हो रहा है।
डोर विंडो, साइकिल पार्ट्स, आटो पार्ट्स, सीट कायल जैसे आइटम के साथ एल्युमिनियम आइटम का इस्तेमाल पैकेजिंग सेक्टर में भी किया जाता है। कच्चे माल की कीमत अधिक होने से घरेलू उपभोक्ताओं को भी महंगे दाम पर सामान खरीदना पड़ रहा है।
एसोसिएशन के प्रेसिडेंट जितेंद्र चोपड़ा ने बताया कि देश में हिंडाल्को और वेदांता समेत तीन मुख्य कंपनियां एल्युमिनियम के कच्चे माल की सप्लाई करती हैं। एल्युमिनियम के आयात पर 7.5 प्रतिशत का शुल्क है जो कि अन्य प्रकार के सेस आदि को मिलाकर 8.5 प्रतिशत हो जाता है।
ऐसे में एल्युमिनियम की सप्लाई करने वाली कंपनियां उन्हें आयात की दर पर ही एल्युमिनियम देती हैं जबकि एशिया के कई देशों में ये कंपनियां घरेलू कीमत के मुकाबले कम दाम पर एल्युमिनियम का निर्यात करती हैं। ऐसे में उन देशों के निर्माताओं को एल्युमिनियम आइटम निर्माण में कम लागत आती है और वे विदेशी कंपनियां भारत में उन आइटम का भारी निर्यात कर रहे हैं।
सालाना 15 लाख टन एल्युमिनियम आइटम का आयात
चोपड़ा के मुताबिक सालाना करीब 15 लाख टन एल्युमिनियम आइटम का आयात हो रहा है। चीन व आसियान के अन्य देशों से मुख्य रूप से एल्युमिनियम से जुड़े आइटम का आयात होता है जो घरेलू स्तर पर बनने वाले एल्युमिनियम आइटम से सस्ते हैं।
गुणवत्ता नियम के अमल को टाले जाने से भी समस्या बढ़ी
एल्युमिनियम आइटम पर गुणवत्ता नियम भी लागू किया गया था, लेकिन उस पर अमल को लगातार टाला जा रहा है। गुणवत्ता नियम लागू होने पर आयातित एल्युमिनियम आइटम को भारतीय मानक ब्यूरो से गुणवत्ता जांच का सर्टिफिकेट लेना होगा और इससे आयात में कमी आएगी।
एल्युमिनियम आइटम बनाने वाले एमएसएमई की लागत संबंधी समस्या को सुलझाने के लिए हाल ही में वाणिज्य मंत्रालय में निर्माता उद्यमी और एल्युमिनियम सप्लाई करने वाली कंपनियों के बीच बैठक भी हुई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका।
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