चेन्नई, प्रेट्र। पुडुचेरी विधानसभा अध्यक्ष द्वारा ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस के विधायक अशोक आनंद को अयोग्य ठहराए जाने के फैसले को हाई कोर्ट ने सही ठहराया है। निचली अदालत द्वारा आय से अधिक संपत्ति मामले में उन्हें दोषी ठहराए जाने के बाद स्पीकर ने यह फैसला लिया था जिसके खिलाफ विधायक ने हाई कोर्ट में अपील की थी।

जस्टिस आर सुब्बैया और जस्टिस कृष्णन रामास्वामी की खंडपीठ ने आनंद की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने स्पीकर के आठ नवंबर को अयोग्य ठहराए जाने के आदेश को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि स्पीकर ने जो आदेश दिया है वह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। ऐसे में कोर्ट से अपील है कि स्पीकर के आदेश को शून्य घोषित करते हुए उनकी विधानसभा सदस्यता बरकरार रखी जाए।

क्या था मामला 
सरकारी कर्मचारी और विधायक आनंद के पिता आनंदेन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया था। उन पर पत्नी और बेटे के नाम पर 1997 से 2006 के बीच आय के ज्ञात स्रोतों के सापेक्ष 1.74 करोड़ रुपये एकत्र करने का आरोप है। आनंद के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था।

भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई कर रही विशेष अदालत ने पिछले साल अक्टूबर में विधायक आनंद और उनके पिता आनंदेन को दोषी ठहराया और उन्हें एक साल कैद की सजा सुनाई और प्रत्येक को एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जब सजा के खिलाफ उसकी अपील हाई कोर्ट में लंबित थी, तभी विधानसभा अध्यक्ष उन्हें अयोग्य घोषित करने का आदेश जारी कर दिया।

Posted By: Arun Kumar Singh