नई दिल्‍ली, एजेंसी। एक तरफ दिल्ली में शुक्रवार को जहां लोगों को मानसून की बारिश से राहत मिली, वहीं शनिवार को मुंबई के अलावा मध्यप्रदेश के कई हिस्‍सों में भारी बारिश हुई जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। मध्यप्रदेश के विभिन्‍न हिस्‍सों में जोरदार बारिश की वजह से इंदौर-बेतुल नेशनल हाइवे और चापड़ा-बागली मार्ग समेत कई सड़कें बंद हो गई हैं। इंदौर में शनिवार सुबह तक 14 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी थी। देवास में भारी बारिश के बाद नदियां उफान पर हैं।

आर्थिक राजधानी मुंबई में पिछले दिनों हुई बारिश से पहले ही हाल बिगड़े हुए थे कि एक बार फिर से बारिश शुरू हो गई है। भिवंडी और ठाणे इलाके में शनिवार को कईं इलाकों में पानी भर गया जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं मुलुंड में प्लेटफॉर्म के कवर पर पेड़ का हिस्सा गिर जाने की वजह से लोकल सेवा प्रभावित हुई। हालांकि, पेड़ को हटाए जाने के बाद फिर से लोकल शुरू हो गई है। 

निजी मौसम वेबसाइट स्काईमेट के मुताबिक, शनिवार को गरज चमक के साथ देश के कई इलाकों में बारिश की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मानसून पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों समेत मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्से, छत्तीसगढ़ के शेष हिस्से, उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों के अलावा उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों के साथ ही कुछ अन्य हिस्सों में आगे बढ़ा है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी इसने रफ्तार पकड़ी है। सामान्य तौर पर मानसून 29 जून को दिल्ली पहुंचता है, मगर इस बार इसमें एक सप्ताह की देरी हुई है। 

पंजाब और उत्‍तर प्रदेश के कई हिस्‍सों में जोरदार बारिश हुई। जालंधर में बारिश से सड़कों पर पानी भर गया जबकि कानपुर में भी बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया और वाहन सड़कों पर रेंगते नजर आए। दिल्‍ली में भी मानसून की बारिश ने दस्‍तक दे दी है। मौसम विभाग का कहना है कि दस जुलाई तक दिल्ली में ऐसा ही मौसम बना रहेगा और रुक-रुककर बारिश होती रहेगी। उत्‍तराखंड के तराई-भाबर में मौसम का मिजाज अगले तीन दिनों तक बिगड़ा रहेगा। मौसम विभाग ने रविवार से बुधवार तक नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़ व ऊधमसिंह नगर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

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Posted By: Krishna Bihari Singh