नई दिल्ली, जेएनएन। मानसूनी बारिश से मैदानी और पहाड़ी इलाकों में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। कई मैदानी राज्यों में जहां पानी के सैलाब से गांव से लेकर शहर तक बुरी तरह प्रभावित हुए हैं वहीं पहाड़ों में भी भूस्खलन से लोगों का जीवन संकट में पड़ गया है। फिलहाल सबसे ज्यादा असर छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में है। मौसम विभाग ने अगले दो दिन में गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक के तटवर्ती इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 

बुधवार देर रात से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। बस्तर संभाग में नदी-नालों में उफान के चलते तेलंगाना, महाराष्ट्र समेत अन्य सरहदी राज्यों से सड़क संपर्क कट गया है। कई स्थानों पर तो सड़क पर नाव चलाकर लोगों को पार कराया जा रहा है। सैकड़ों गांव टापू में तब्दील हो गए हैं, जिन्हें राहत शिविरों में ठहराया गया है।

बस्तर में दो लोगों की मौत हो गई है। रायगढ़ के बेहरापाली गांव में आठ साल का बालक नाले में बह गया। दंतेवाड़ा जिले में मछली पकड़ने गए 14 ग्रामीण इंद्रावती नदी के बीच चट्टान में फंसे हुए हैं। बस्तर की इंद्रावती, शबरी, मारकंडी समेत अन्य नदियां उफान पर हैं। इंद्रावती और शबरी का जलस्तर डेंजर लेवल से एक मीटर ऊपर पहुंच गया है।

मध्य प्रदेश में नदी-नाले उफान पर
उधर, मप्र में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। पुल-पुलियाओं पर पानी आने से कई क्षेत्रों का संपर्क कट गया है। बड़वानी में नर्मदा और बुरहानपुर में ताप्ती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। अमझेरा के तालाब के वेस्ट वियर के पानी में चालक ने बस उतार 20 यात्रियों की जान सांसत में डाल दी। यात्रियों को रस्सी से युवाओं ने बचाया। ग्राम पाना में एक व्यक्ति बह गया। बड़वानी जिले में नर्मदा राजघाट पुल से खतरे के निशान से छह मीटर ऊपर से बह रही है। ग्राम छोटा बड़दा के समीप रामपुरा में फंसे सात परिवारों के 25 सदस्यों को निकालने NDRF की टीम भेजी गई है।

उत्तराखंड में बदरीनाथ और केदारनाथ मार्ग रहे प्रभावित
वहीं उत्तराखंड स्थित पिथौरागढ़ के धारचूला में पहाड़ी से गिरे बोल्डर से एक आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गया। उसमें रह रहे सात लोगों को चोटें आई हैं। पिछले चौबीस घंटों के दौरान प्रदेश छिटपुट बारिश हुई। चारधाम यात्रा मार्गो पर आवाजाही सामान्य रही, सुबह कुछ देर के लिए बदरीनाथ और केदारनाथ मार्ग बाधित रहे। यहां हो रहे भूस्खलन से लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है।

बारिश के चलते महाराष्ट्र में 40 से ज्यादा लोगों की मौत
महाराष्ट्र के सांगली-कोल्हापुर समेत दक्षिण भारत के कई राज्यों में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश के चलते बाढ़ का कहर बढ़ गया है। इन राज्यों में अब तक 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 12 लोगों की मौत गुरुवार को पश्चिम महाराष्ट्र के सांगली जिले में बचाव नौका पलटने से हो गई। कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा ने गुरुवार को उच्च स्तरीय बैठक में महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और गुजरात में बाढ़ से पैदा हालात की समीक्षा की और इन राज्यों को तत्काल हर संभव सहायता मुहैया कराने का निर्देश दिया।

मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले दो दिन में गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक के तटवर्ती इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। अधिकारियों के मुताबिक इन पूर्वानुमानों के आधार पर राहत और बचाव कार्य के इंतजाम किए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली जिले में गुरुवार को ब्रह्मनाल गांव से लोगों को बचा कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा था, तभी नाव दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। कोल्हापुर में भी पिछले दो दिनों में बारिश और बाढ़ से कई लोगों की मौत की खबर है। तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में भी पिछले कुछ दिनों में बरसात और बाढ़ से 16 लोगों की जान गई है। इनमें गुरुवार को केरल में चार और तमिलनाडु में तीन लोगों की मौत शामिल है। कर्नाटक में अब तक 43 हजार से ज्यादा लोगों को बाढ़ से बचाया गया है। करीब 17,000 लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।

NDRF की 55 टीमें तैनात
अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ प्रभावित चारों राज्यों में NDRF की 55 टीमें तैनात की गई हैं। 19 और टीमों को इन राज्यों में भेजा जा रहा है। सेना की 16 कॉलम, नौसेना और कोस्ट गार्ड के 30 बचाव दल के साथ ही हेलीकॉप्टर, विमान और नौका राहत और बचाव कार्य में लगाई गई है।

फड़नवीस ने हवाई सर्वेक्षण किया
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने गुरुवार को कोल्हापुर और सांगली जिलों का हवाई सवेक्षण किया। मुख्यमंत्री के अनुसार स्थिति बहुत ही खराब है। उचित समय पर इस क्षेत्र को राष्ट्रीय आपदाग्रस्त क्षेत्र घोषित किया जाएगा।

बता दें कि मुंबई, कोकण और पश्चिम महाराष्ट्र में बाढ़ का कहर है तो मराठवाड़ा और विदर्भ में सूखे जैसे हालात हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। करीब 10,000 लोग इस कार्य में लगे हैं। इसके अलावा NDRF की 13, SDRF की एक, नौसेना की 14 टीमें लगी हैं। NDRF की पांच और टीमों की मांग की गई है।

अलमाटी बांध से पानी छोड़ेगा कर्नाटक
महाराष्ट्र के सांगली और कोल्हापुर जिलों को बाढ़ से राहत दिलाने के लिए कर्नाटक अलमाटी बांध से पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़ने के लिए राजी हो गया है। फड़नवीस ने इसके लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा से कई बार अनुरोध किया था।

वड़ोदरा के रिहायशी इलाकों से 22 मगरमच्छ बचाए गए
गुजरात के वड़ोदरा शहर के रिहायशी इलाकों से पिछले एक हफ्ते के दौरान 22 मगरमच्छों को बचाया गया। विश्वमित्री और उसकी सहायक ढंढार नदी में बाढ़ के चलते पानी के साथ बहकर ये मगरमच्छ शहरी इलाकों में चले आए थे। वन विभाग मगरमच्छों को पकड़कर वापस नदी में छोड़ा है।

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Posted By: Dhyanendra Singh

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