सुरेंद्र प्रसाद सिंह, नई दिल्ली। देश के तालाबों और जलाशयों की पांचवीं गणना के आंकड़ों से इस बात का पता चला है कि देश में 53 हजार से अधिक तालाब व जलाशय सिंचाई के काबिल नहीं हैं। उनमें गाद भरी होने, पानी के अभाव और पानी खारा होने की वजह से उनका उपयोग सिंचाई के लिए नहीं हो पा रहा है। कई राज्यों में ग्राम समाज की जमीनों पर बने तालाबों पर कब्जा होने की वजह से भी उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को इन्हें अतिक्रमण मुक्त कराने को कहा गया है। इन तालाबों के पुनरोद्धार के लिए केंद्र ने दो हजार करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

देश में परंपरागत पुराने तालाबों व जलाशयों के पानी से खेती में सिंचाई होती है, लेकिन देखरेख और रखरखाव के अभाव में इनकी हालत बहुत अच्छी नहीं है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय ने इन जलाशयों व तालाबों की हालिया गणना कराई, जिसके तहत पता चला कि ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 5,16,303 तालाब व जलाशय हैं। लोकसभा में पूछे एक लिखित सवाल के जवाब में मंत्रालय ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया है कि 53 हजार से अधिक जलाशयों की हालत बुरी है। ज्यादातर की सफाई न होने से उनमें गाद भरी हुई है, जिसमें या तो पानी नहीं है और है तो बहुत कम। ये सिंचाई के काम नहीं आ पा रहे हैं।

केंद्र सरकार भी देती रही है अतिरिक्त वित्तीय मदद

राज्य का विषय होने के नाते इसके लिए राज्य सरकारें भी प्रयास कर रही हैं। केंद्र सरकार भी इसके लिए अतिरिक्त वित्तीय मदद देती रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों व जलाशयों के पुनरोद्धार के लिए रिपेयर, रिनोवेशन और रेस्टोरेशन (आरआरआर) स्कीम शुरू की है। यह योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत हर खेत को पानी देने के लिए शुरू की गई है। मौजूदा तालाबों से सिंचाई का रकबा बढ़ाया जा सकता है। इस मंत्रालय के अतिरिक्त ग्रामीण विकास मंत्रालय इस दिशा में विशेष योजनाएं चला रहा है। मनरेगा के मार्फत भी पुराने तालाबों की साफ-सफाई और जलाशयों के तटबंध बनाए जा रहे हैं।

नाजायज कब्जे को हटाना सरकार की है प्राथमिकता

गर्मी के महीनों में तालाबों के सूख जाने से पर उनकी गाद भी निकाली जा रही है। तालाबों में पानी भरने के नाले व नालियां भी साफ की जाती है। मनरेगा के मार्फत जल संरक्षण की दिशा में सर्वाधिक कार्य कराए जा रहे हैं। विभिन्न राज्यों के 2228 तालाबों की सफाई और तटबंध बनाने के लिए लगभग दो हजार करोड़़ रुपये आवंटित किए गए। तालाबों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए भी राज्यों से तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के तालाबों पर हुए नाजायज कब्जे को हटाना भी सरकार की प्राथमिकता है।