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ब्रेनडेड इंसान के दिल ने दिया ऑटोरिक्शा चालक को नया जीवन

तिरुवनंतपुरम में एक ब्रेन डेड व्यक्ति का दिल अब एक ऑटोरिक्शा चालक के सीने में धड़क रहा है। नीलकांतन शर्मा नाम के ब्रेन डेड व्यक्ति के कई अंग उसकी पत्नी ने केरल सरकार के अंगदान कार्यक्रम के तहत दान में दे दिए।

By Sachin BajpaiEdited By: Published: Sat, 25 Jul 2015 06:01 PM (IST)Updated: Sat, 25 Jul 2015 06:14 PM (IST)

कोच्चि । तिरुवनंतपुरम में एक ब्रेन डेड व्यक्ति का दिल अब एक ऑटोरिक्शा चालक के सीने में धड़क रहा है। नीलकांतन शर्मा नाम के ब्रेन डेड व्यक्ति के कई अंग उसकी पत्नी ने केरल सरकार के अंगदान कार्यक्रम के तहत दान में दे दिए। इसी से दिल का प्रत्यारोपण संभव हो पाया। मात्र चार घंटों के भीतर प्रत्यारोपण अनिवार्य होने के कारण अत्यंत तीव्रता से दिल को कोच्चि पहुंचाने में नौसेना ने मदद की। अंग दान के बाद दिवंगत हो गए नीलकांतन की अंत्येष्टि में सैकड़ों लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

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46 वर्षीय ऑटोरिक्शा चालक मैथ्यू के दिल का प्रत्यारोपण शुक्रवार दोपहर से शुरू हुआ। अब उसकी हालत बेहतर है। आपरेशन की अगुआई करने वाले कार्डियो थोरैसिक सर्जन जोस चाको पेरियापुरम ने शनिवार को कहा, 'दिल को निकालने और फिर उसे प्रत्यारोपित करने के लिए मात्र चार घंटे का समय था। सबसे बड़ी बात यह है कि हम ऐसा कर सके।'

पेरियापुरम और उनकी टीम शुक्रवार को पहले कोच्चि से राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम रवाना हुई और वहां नीलकांतन शर्मा का दिल निकाला। वहां से फिर कोच्चि लौट कर टीम ने प्रत्यारोपण को अंजाम दिया।


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