जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। आयुष्मान भारत के तहत बनने वाला हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर टेलीमेडिसिन का भी हब होगा। सरकार सभी वेलनेस सेंटर को जिला अस्पतालों से आनलाइन जोड़ने की योजना बना रही है। इससे जिला अस्पतालों में मौजूद विशेषज्ञ डाक्टर दूर बैठे मरीजों का भी इलाज कर सकेंगे। साल के अंत तक देश में कुल 1.5 लाख वेलनेस सेंटर खोले जाने हैं, जिनमें लगभग 1.18 लाख खुल भी चुके हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आम लोगों को घर के नजदीक सस्ती व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल हेल्थ मिशन पर विशेष जोर है। इसके तहत वेलनेस सेंटर को भी टेलीमेडिसिन हब के रूप में विकसित करने का फैसला किया गया है। इन केंद्रों पर टेलीकंसल्टेंसी से जुड़े उपकरण लगाए जाएंगे और वहां काम करने वालों को इसके उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वेलनेस सेंटर के जिला अस्पताल से जुड़ने से लोगों को इलाज के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। जिला अस्पताल के विशेषज्ञ डाक्टर वेलनेस सेंटर पर मौजूद अपने सहयोगी के माध्यम से मरीज की स्थिति की जानकारी लेंगे और जरूरी दवाएं भी बताएंगे। बीमारी गंभीर होने पर मरीज को उचित अस्पताल में रेफर भी किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री आरोग्य योजना का लाभार्थी होने पर मरीज को मुफ्त व कैशलेस इलाज के लिए आयुष्मान भारत से जुड़े निजी या सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने में मदद की जाएगी।

इसका मूल उद्देश्य आम लोगों को सामान्य जांच सुविधा उपलब्ध कराना

दरअसल, पांच साल पहले आयुष्मान भारत योजना के तहत 50 करोड़ गरीबों को मुफ्त एवं कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने के साथ ही हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोलने का भी एलान किया गया था। इसकी परिकल्पना आम आदमी की सेहत का खयाल रखने वाले एक समेकित स्वास्थ्य केंद्र के रूप में की गई थी। इसका मूल उद्देश्य आम लोगों को सामान्य जांच सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि किसी भी गंभीर बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सके। इससे इलाज में आसानी होती है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन केंद्रों पर जांच सुविधाओं के साथ-साथ सामान्य बीमारियों की आयुर्वेद पद्धति से इलाज की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan