कौन था आतंकी हाशिम मूसा? पाकिस्तान हुआ बेनकाब, मुशर्रफ से डायरेक्ट लिंक
लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा जम्मू-कश्मीर के बड़गाम में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया।
HighLights
लश्कर आतंकी हाशिम मूसा बड़गाम मुठभेड़ में मारा गया।
2025 पहलगाम आतंकी हमले का मुख्य संदिग्ध था मूसा।
मूसा पाकिस्तानी सेना का प्रशिक्षित कमांडो और पूर्व SSG सदस्य।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा जम्मू-कश्मीर के बड़गाम में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया। हाशिम मूसा 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के मुख्य संदिग्धों में एक था।
भारतीय सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस और CRPF का संयुक्त ऑपरेशन
हाशिम मूसा को भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान यूसमर्ग के कोराग इलाके में मार गिराया गया।
आर्मी से मिली जानकारी के मुताबिक मूसा का शव पलमैदान इलाके से बरामद किया गया, साथ ही युद्ध में इस्तेमाल होने वाला सामान भी मिला। मूसा जम्मू कश्मीर में हुए पहलगाम हमलों में मुख्य संदिग्धों में एक था साथ ही उसका अन्य आतंकी हमलों से भी संबंध था।
कैसे मारा गया मूसा?
सुरक्षा बलों को आतंकवादियों की गतिविधियों के बारे में खास खुफिया जानकारी मिली थी जिसके बाद सुरक्षा बलों ने यूसमर्ग इलाकों में ऑपरेशन कोराग शुरू किया।
संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान, जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और आतंकवादियों को चुनौती दी। आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी और फिर मुठभेड़ में मूसा मारा गया। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF शामिल थे।
मुठभेड़ के बाद भी तलाशी अभियान जारी रहा और सुरक्षा कर्मियों ने आसपास के इलाके में किसी अन्य आतंकवादी की मौजूदगी की जांच की। चिनार कॉर्प्स के अनुसार, तलाशी के दौरान पलमैदान से मूसा का शव और युद्ध में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया।
2025 पहलगाम हमले में वांछित था मूसा
मूसा पाकिस्तान का LET आतंकवादी था, जो 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले में मुख्य संदिग्ध था और पुलिस को उसकी तलाश थी।
जम्मू कश्मीर के पूर्व DGP एस.पी. वैद ने बताया कि मूसा एक अत्यधिक प्रशिक्षित आतंकवादी था और उस पर जम्मू कश्मीर में हुए कई हमलों में शामिल होने का आरोप था।
वैद ने कहा कि मूसा पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड माना जाता था साथ ही उसे पाकिस्तानी नागरिक और कमांडो प्रशिक्षित आतंकवादी बताया।
पहलगाम हमले का मास्टरमाइंट था मूसा
साल 2025 में हुए पहलगाम हमले में मूसा का नाम मुख्य संदिग्धों में शामिल था और जम्मू-कश्मीर पुलिस को उसकी तलाश थी। ANI की रिपोर्ट के अनुसार NIA ने इस मामले में 7 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
NIA की 1,597 पन्नों की चार्जशीट में पाकिस्तानी हैंडलर साजिद जट्ट का नाम भी आरोपी के तौर पर शामिल था। एजेंसी ने कहा था कि उसकी जांच में पाकिस्तान से रची गई साजिश और हमले में शामिल आरोपियों की भूमिकाओं का विवरण दिया गया है।
पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप का कमांडो था मूसा
ANI के सुरक्षा एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक मूसा ने पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप में पैरा कमांडो के तौर पर काम किया था, जहां वह हवलदार के पद पर था। 2023 में SSG से रिटायर होने के बाद, वह आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हो गया और भारत में घुसपैठ की।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP एस.पी. वैद ने आरोप लगाया कि पूंछ, DKG, भीमबर गली, गुलमर्ग और रियासी में तीर्थयात्रियों पर हुए हमलों में मूसा की भूमिका के सबूत मिले हैं। SSG से कथित कनेक्शन से मूसा की ट्रेनिंग और LeT नेटवर्क में उसकी भूमिका के बारे में अभी जांच जारी है।
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति की सुरक्षा टीम का हिस्सा था मूसा
मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा का जन्म 7 मार्च 1980 को हुआ था। वो साल 2000 में सर्विस नंबर PA-3106947 के तहत पाकिस्तानी सेना में शामिल हुए और हवलदार के पद से रिटायर हुआ।
2005 में मूसा को SSG में शामिल किया गया। मूसा ने 4 कमांडो यलगार बटालियन के साथ काम किया और 2006 से बलूचिस्तान में तैनात रहा।
बलूचिस्तान में तैनाती के दौरान, मूसा ने कथित तौर पर बलूच विद्रोहियों के खिलाफ लगभग 10 ऑपरेशन में हिस्सा लिया और उसे 13 लोगों को मारने का श्रेय भी दिया जाता है।
सूत्रों के मुताबिक, 2006 और 2009 के बीच मोहम्मद आसिफ ने पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की VVIP सुरक्षा टीम के सदस्य के तौर पर भी काम किया है।
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