बडगाम में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, एक आतंकी ढेर; लश्कर कमांडर के छिपे होने की खबर
जम्मू-कश्मीर के बडगाम में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है। सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और दोनों ओर से गोलीबारी हो रही है।

बडगाम में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच भीषण मुठभेड़ की सूचना। फाइल फोटो
HighLights
बडगाम में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू।
सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है।
दोनों तरफ से गोलीबारी अभी भी जारी है।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। कश्मीर घाटी के गुरवेथ कलां, बडगाम में मंगलवार की रात को एक मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के एक नामी पाकिस्तानी आतंकी को मार गिराया।
अलबत्ता, देर रात गए तक पुलिस ने कहा कि जारी मुठभेड़ में दो से तीन आतंकी फंसे हुए हैं और मुठभेड़ के समाप्त होने के बाद ही किसी आतंकी के मारे जाने की पुष्टि की जा सकेगी।
इस बीच, सूत्रों ने दावा किया कि मारा गया आतंकी पाकिस्तान का रहने वाला मूसा उर्फ फौजी है जो न सिर्फ जिला राजौरी में सुरक्षाबलों पर हमले की विभिन्न वारदातों में शामिल रहा है बल्कि बोटापथरी गुलमर्ग और सोनमर्ग गांदरबल में हुए आतंकी हमलों में भी शामिल था।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिला बडगाम में खानसाहब कस्बे से लगभग पांच किलोमीटर दूर गुरवेथ कलां गांव के पास मंगलवार की दोपहर बाद सुरक्षाबलों को अपने तंत्र से आतंकियों को देखे जाने की सूचना मिली। सेना की 53 आरआर के जवानों ने उसी समय आतंकियों के खिलाफ एक अभियान चलाया । देर शाम गए उन्होंने उस जगह को चिह्नित कर लिया जहां आतंकियों ने ठिकाना बनाया था।
जवानों को अपने ठिकाने की तरफ बढ़ते देख आतकियों ने वहां से भागने का प्रयास किया। उन्होंने जवानों को अपने पीछे आने से रोकने के लिए उन पर फायरिंग भी की। जवानों ने खुद को बचाते हुए जवाबी फायर किया और आंकियों केा मुठभेडृ में उलझा लिया। देर रात गए लगभग 11 बजे सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया।
संबधित अधिकारियों ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि मुठभेड़ वाली जगह को चारों तरफ से घेर लिया गया है। घेराबंदी में फंसे आतंकी बच कर नही जा पाएंगे। वह मारे जाएंगे।
उन्होंने मुठभेड़ में किसी आतंकी के मारे जाने की पुष्टि से इनकार करते हुए कहा कि आतंकियों को मार गिराने का अभियान जारी है। अभियान के समाप्त होने और शव को कब्जे में लिए जाने के बाद ही किसी आतंकी के मारे जाने की पुष्टि की जा सकती है, पहले नहीं।
