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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 13, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Har Ghar Tiranga: 'हर घर तिरंगा' अभियान आज से शुरू, अमित शाह समेत कई नेताओं ने फहराया तिरंगा

By Babli KumariEdited By:
Published: Sat, 13 Aug 2022 08:52 AM (IST)

हर घर तिरंगा अभियान आजादी का अमृत महोत्सव स्वतंत्रता के 75 साल और भारत के लोगों संस्कृति और उपलब्धियों के ...और पढ़ें

'हर घर तिरंगा' अभियान आज से हुआ शुरू (फाइल इमेज)
'हर घर तिरंगा' अभियान आज से हुआ शुरू (फाइल इमेज)

नई दिल्ली, एजेंसी। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत 'हर घर तिरंगा' अभियान लोगों को तिरंगा घर लाने और भारत की आजादी के 75 वें वर्ष को मनाने के लिए शुरू किया गया है। 'हर घर तिरंगा' अभियान पूरे देश में आज से शुरू हुआ है। भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 'आजादी का अमृत महोत्सव' के तहत शुरू किया गया यह अभियान 15 अगस्त तक चलेगा।

केंद्र सरकार ने भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए लोगों से 13 से 15 अगस्त तक अपने घरों में तिरंगा फहराने या प्रदर्शित करने का आग्रह किया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उनकी पत्नी सोनल शाह ने आज से 'हर घर तिरंगा' अभियान शुरू होने पर अपने आवास पर तिरंगा फहराया।

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में सीएम आवास पर स्कूली बच्चों के साथ अभियान को हरी झंडी दिखाई।

'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तिरंगा लहराते हुए चंपावत में मायावती आश्रम परिसर में मार्च किया।

एक नागरिक, एक निजी संगठन या एक शैक्षणिक संस्थान सभी दिनों और अवसरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकता है या प्रदर्शित कर सकता है। ध्वज प्रदर्शन के समय पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

सरकार ने भारतीय ध्वज संहिता में संशोधन किया है ताकि तिरंगे को खुले में और अलग-अलग घरों या इमारतों में दिन-रात प्रदर्शित किया जा सके।

भारतीय ध्वज संहिता को पहले पिछले साल दिसंबर में संशोधित किया गया था, जिसमें कपास, ऊन, रेशम और खादी के अलावा हाथ से बुने हुए और मशीन से बने झंडे बनाने के लिए पालिएस्टर के उपयोग की अनुमति दी गई थी।

इस कार्यक्रम में हर जगह भारतीयों को अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित करने की परिकल्पना की गई है। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय ध्वज के साथ संबंध को औपचारिक या संस्थागत रखने के बजाय अधिक व्यक्तिगत बनाना है। पहल के पीछे का विचार लोगों के दिलों में देशभक्ति की भावना जगाना और तिरंगे के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना है।

बता दें कि इससे पहले, भारतीय नागरिकों को चुनिंदा अवसरों को छोड़कर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति नहीं थी।