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'2016 में ज्ञानेश कुमार ने बीजेपी से टिकट दिलाने का दिया था ऑफर', केरलम के पूर्व मुख्य सचिव का दावा

Published: Sun, 27 Sep 2026 08:22 AM (IST)Updated: Sun, 27 Sep 2026 08:53 AM (IST)

केरलम के पूर्व मुख्य सचिव जीजी थॉमसन ने दावा किया है कि ज्ञानेश कुमार ने उन्हें 2016 में बीजेपी का टिकट ऑफर किया था।

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HighLights

  1. जीजी थॉमसन ने ज्ञानेश कुमार पर बीजेपी टिकट ऑफर का आरोप लगाया।

  2. ज्ञानेश कुमार ने 2016 में पथानामथिट्टा से चुनाव लड़ने को कहा था।

  3. राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर बीजेपी के लिए भर्ती का आरोप लगाया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केरलम के पूर्व मुख्य सचिव जीजी थॉमसन ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जब आईएएस अधिकारी थे तो उन्होंने बीजेपी से टिकट दिलाने का ऑफर दिया था।

ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हुए जीजी थॉमस ने कहा कि उनसे पूछा गया था कि क्या वे राज्य के पथानामथिट्टा से बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने में दिलचस्पी रखते हैं।

थॉमन ने क्या आरोप लगाया?

स्थानीय अखबार के अनुसार, उन्होंने कहा, "उस समय मैं केरल का मुख्य सचिव था। हम एक ही फ्लाइट में साथ यात्रा कर रहे थे। वे प्रधानमंत्री मोदी की बहुत तारीफ कर रहे थे और उन्होंने मुझसे साफ-साफ पूछा कि क्या मैं 2019 के आम चुनावों में पथानामथिट्टा से बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने में दिलचस्पी रखता हूं। वे मुझे मनाने की बहुत कोशिश कर रहे थे लेकिन मैंने तुरंत मना कर दिया।"

बता दें कि 2019 में कांग्रेस के एंटो एंटनी ने पथानामथिट्टा लोकसभा सीट जीती, जबकि सीपीआई (एम) की वीना जॉर्ज दूसरे स्थान पर रहीं। बीजेपी ने पथानामथिट्टा से के. सुरेंद्रन को उम्मीदवार बनाया था, जो 28.95 प्रतिशत वोट शेयर के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

थॉमस ने अपने करियर के शुरुआती दिनों की एक और घटना का जिक्र किया, जब कुछ लोगों ने उनसे राजनीति में आने के लिए संपर्क किया था। उन्होंने दावा किया, "हालांकि मैंने उस समय भी इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था, लेकिन ज्ञानेश को इसके बारे में पता चल गया और उन्होंने मुझे राजनीति में आने के लिए मनाने की कोशिश की।"

राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाया?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जवाब देते हुए कुमार पर आरोप लगाया कि चुनाव की देखरेख करने वाले अधिकारी के तौर पर नियुक्त होने से पहले वे बीजेपी के लिए लोगों को भर्ती करने के काम में शामिल थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "ज्ञानेश कुमार उस समय एक कार्यरत आईएएस अधिकारी थे और उनका इस्तेमाल बीजेपी के लिए भर्ती करने में किया गया था।"

विपक्षी पार्टियां ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन कर रही हैं। इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब एक अंग्रेजी अखबार की एक रिपोर्ट में कहा गया कि बाकी दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आयोग के फैसलों पर बार-बार आधिकारिक तौर पर आपत्तियां जताई थीं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि आपत्तियां एसआईआर प्रक्रिया के कई पहलुओं से जुड़ी थीं, जिनमें फॉर्म 6 में बदलाव, वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया और वोटर डेटाबेस पर सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल शामिल हैं।

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