विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'भाजपा को सत्ता दिलाने के लिए कराया गया SIR', ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और CEC ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना

Published: Sat, 26 Sep 2026 09:43 PM (IST)

ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने ...और पढ़ें

ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की

ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की

HighLights

  1. ममता ने मतदाता सूची पुनरीक्षण को भाजपा की मदद बताया।

  2. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

  3. चुनाव आयोग पर भाजपा के इस्तेमाल का आरोप लगाया।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े फैसलों को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेद की रिपोर्ट सामने आने के बाद इसपर जारी सियासी संग्राम के बीच बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को इस मुद्दे पर हमले तेज करते हुए चुनाव आयोग और भाजपा पर जमकर बरसीं।

हुगली जिले के श्रीरामपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए ममता ने आरोप लगाया कि बंगाल में वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाकर भाजपा को सत्ता में लाने में मदद करने के उद्देश्य से एसआईआर कराया गया था। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि उनके पद छोड़ने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

मई में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने व 15 साल की सत्ता गंवाने के बाद कलकत्ता हाई कोर्ट की सशर्त अनुमति से कोलकाता के बाहर ममता की यह पहली सभा थी। साथ ही हाल में चुनाव आयोग द्वारा तृणमूल कांग्रेस का नाम व चुनाव चिन्ह फ्रीज किए जाने के बाद जोड़ा फूल चिन्ह के बिना ममता ने पहली बार सभा को संबोधित किया।

अब सच्चाई सामने आ गई है

ममता ने चुनाव आयोग के भीतर एसआईआर से जुड़े फैसलों को लेकर कथित मतभेदों की हालिया रिपोर्टों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब सच्चाई सामने आ गई है कि भाजपा ने चुनाव आयोग का किस तरह इस्तेमाल किया।

ममता ने दावा किया कि चुनाव आयोग के भीतर की बात सामने आने के बाद उन आरोपों की पुष्टि हुई है, जिन्हें वह और उनकी पार्टी पहले से उठाती रही है। उन्होंने भाजपा पर चुनाव आयोग के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर ज्ञानेश कुमार का बने रहना उचित नहीं है।

ममता ने ज्ञानेश कुमार को वेनिश कुमार बताते हुए स्पष्ट कहा कि उन्हें इस्तीफा देना ही होगा, अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा। ममता का यह बयान ऐसे समय आया है, जब आयोग के भीतर मतभेद होने की रिपोर्ट सामने आने के बाद से विपक्ष लगातार आयोग को घेर रहा है।

हालांकि चुनाव आयोग का कहना है कि एसआईआर से संबंधित उसके फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए थे।

कुणाल घोष की कार पर हमले को लेकर भी भाजपा को घेरा

रैली में पहुंचने से पहले ममता ने आरोप लगाया कि उनके तृणमूल गुट के नेताओं और कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में शामिल होने से रोकने का प्रयास किया गया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने रैली स्थल की ओर जाने वाले रास्तों पर कब्जा कर लिया था।

ममता उत्तरपाड़ा के बजाय डानकुनी और दिल्ली रोड होते हुए श्रीरामपुर पहुंचीं। इससे पहले ममता की रैली में शामिल होने जा रहे तृणमूल विधायक कुणाल घोष की कार पर अंडे और पत्थर फेंके गए। काले झंडे लिए कुछ लोगों ने उनकी कार को घेर लिया और नारेबाजी की। हमले में कार का पिछला शीशा टूट गया। बाद में इलाके में केंद्रीय बलों को तैनात किया गया।

ममता ने घटना को लेकर पुलिस-प्रशासन पर भी सवाल उठाए और भाजपा पर बंगाल में आतंक फैलाने का आरोप लगाया। वहीं प्रदेश भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया। प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि विधानसभा चुनाव में जनता तृणमूल को नकार चुकी है, इसलिए भाजपा के पास उसके नेताओं पर हमला करने का कोई कारण नहीं है।

उन्होंने एसआईआर को लेकर भी ममता के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मतदाताओं ने तृणमूल को नकार दिया और इसे एसआईआर से जोड़ने का कोई आधार नहीं है।