गुवाहाटी। असम हिंसा के बाद दक्षिण भारत में पूर्वोत्तरवासियों पर हमले की आशंका व अफवाहों के चलते अपने घर लौटे लोगों की वापसी के लिए शनिवार को गुवाहाटी से बेंगलूर तक विशेष ट्रेन चलाई गई। इस ट्रेन से भारी संख्या में पूर्वोत्तर राज्यों के कामगार व विद्यार्थी वापस लौटे।

वापस लौट रहे लोगों की सुरक्षा व अन्य इंतजाम को देखने के लिए असम सरकार के दो मंत्री भी गुवाहाटी स्टेशन पहुंचे। असम में फैली सांप्रदायिक हिंसा के बाद दक्षिण भारत सहित देश के अन्य भागों में रह रहे पूर्वोत्तरवासियों पर हमले होने लगे थे। अफवाहें भी उड़ीं।

कर्नाटक से भारी संख्या में पूर्वोत्तरवासी अपने घरों को वापस लौटे थे। इसके चलते वहां की अर्थ व्यवस्था पर भी असर पड़ा। इसे देखते हुए कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री आर अशोक ने बीते दिनों पूर्वोत्तर राज्यों का दौरा किया। पूर्वोत्तरवासियों को सुरक्षा की गारंटी देते हुए कहा कि जो जहां काम कर रहा था उसे वहीं नौकरी मिलेगी। इसके लिए कर्नाटक सरकार ने निर्देश जारी किया है।

शनिवार को प्रदेश भर में पत्रकारों ने प्रदर्शन करते हुए ऑल असम माइनॉरिटी स्टूडेंट्स यूनियन पर राज्य सरकार से पाबंदी लगाने की मांग की। इस संगठन द्वारा गत 28 अगस्त को बुलाए गए बंद पर कार्यकर्ताओं ने राज्य भर में मीडियाकर्मियों पर हमला किया था। शनिवार को गुवाहाटी में मीडियाकर्मियों ने काली पट्टी बांधकर धरना दिया। राज्य सरकार से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाने की अपील की। मीडिया संगठनों ने पहले ही इस संगठन के प्रदर्शन व अन्य कार्यक्रमों का तीन माह के लिए बायकाट कर रखा है।

गत बीस जुलाई से राज्य के बोडो बहुल क्षेत्र में भड़की सांप्रदायिक हिंसा में 96 लोगों की जान जा चुकी है। सवा दो लाख से ज्यादा लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। कई इलाकों में रात का क‌र्फ्यू जारी है। शनिवार को कहीं से काई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

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