पणजी, प्रेट्र: केरल की वामपंथी सरकार और राजभवन के बीच चल रही तनातनी के बीच राज्य के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने इशारों में कहा कि दक्षिणी राज्य में कुछ गतिविधियां हो रही हैं, लेकिन हमें उनको नजरअंदाज करना चाहिए। गोवा राजभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में बिना किसी का नाम लेते हुए केरल के राज्यपाल ने कहा कि कुछ लोगों को यह समस्या है कि मैं उन सब से अच्छी धोती पहनता हूं। यद्यपि उनका जन्म केरल में नहीं हुआ। इसके साथ ही कहा कि कोई विवाद या संघर्ष नहीं है। केरल में कुछ घटनाएं हो रही हैं। निश्चितरूप से कुछ चीजें हुई हैं, किंतु हमें उनको अनदेखा करना चाहिए।

यह भी पढ़े: खास बातचीतः फियो डीजी अजय सहाय के अनुसार भारत अपनी शिपिंग लाइन खड़ी करे तो हर साल 25 अरब डॉलर रेमिटेंस बचेगा

सरकार और राज्यपाल के बीच तनातनी

बता दें कि इस माह की शुरुआत में खान ने राज्य विश्वविद्यालयों के उपकुलपतियों को लेकर एक अध्यादेश जारी किया था। पांच दिसंबर को राज्य विधानसभा का सत्र बुलाए जाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि अब वह अध्यादेश अप्रभावी हो गया, क्योंकि विधानसभा सत्र आहूत कर लिया गया है। खान ने कहा कि वास्तविक समस्या यह नहीं है कि जो कुछ लोग बोल रहे हैं, वस्तुत: समस्या यह है कि केरल में जन्म न लेने के बावजूद मैं उन सबसे अच्छी धोती पहनता हूं। कुछ लोगों को लगता है कि यदि आपका जन्म केरल में नहीं हुआ है तो आप मलयाली जैसे कैसे लगते हो। मुझे इस पर गर्व है।

पटेल को दें अखंड भारत का श्रेय

राज्यपाल ने कहा कि दक्षिण भारत राज्य के एकीकरण के लिए प्रथम उप प्रधानमंत्री सरदार पटेल को इसका श्रेय दिया जाना चाहिए। अखंड भारत का श्रेय पटेल को दिया जाना चाहिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोवा के राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई ने खान की यात्राओं पर आए बिल को लेकर छपी खबरों की आलोचना की और कहा कि राज्यपाल को यात्राएं करनी पड़ती हैं। मैंने आठ माह में यात्राओं पर 48 लाख खर्च किए जबकि खान की यात्राओं में सिर्फ बीस लाख खर्च हुए।

यह भी पढ़े: Fact Check: हिंदू लड़की के रोजा रखने पर मुस्लिम पति के पिटाई के दावे से वायरल तस्वीर पाकिस्तान की है

Edited By: Amit Singh

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट