नई दिल्ली, प्रेट्र। सरकार ने देश भर में और जन औषधि केंद्र खोलने का मन बनाया है। पांच फरवरी तक देश के 651 जिलों में कुल 5001 केंद्र सक्रिय हो चुके थे। अब सरकार ने और केंद्र खोलने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के दायरे में सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और जिलों को लाने में सरकार जुटी है।

यह प्रयास सभी को सस्ते दाम पर गुणवत्तापूर्ण जेनरिक दवाएं मुहैया कराना है। रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री मनसुख लाल मंदाविया ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया, 'इस लक्ष्य को साधने के लिए व्यक्तियों, एनजीओ, चैरिटेबल संस्थानों/अस्पतालों, निजी अस्पतालों, ट्रस्ट, सोसायटी, स्वयंसेवी समूहों और सरकारी एजेंसियों से आवेदन मांगे गए हैं। आन लाइन और आफ लाइन पीएमबीजेपी केंद्र खोलने के आवेदन को शुल्क मुक्त रखा गया है।'

2017 की तुलना में बीते वर्ष संघर्ष विराम की दुगनी घटनाएं हुई
जम्मू एवं कश्मीर में संघर्ष विराम उल्लंघन या सीमा पार से फायरिंग की घटनाओं में वृद्धि हुई। 2018 में पिछले वर्ष की तुलना में इस तरह की दुगनी घटनाएं हुई। इस तरह की घटनाओं में बीएसएफ जवानों के शहीद होने की घटनाओं में तीन गुनी वृद्धि हुई। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि इस वर्ष भी ऐसी घटनाएं नहीं थम रही हैं और 31 जनवरी तक सीमा पार से फायरिंग या संघर्ष विराम उल्लंघन की 219 घटनाएं हो चुकी थीं।

2014-16 के दौरान साइबर जालसाजी की घटनाओं में तेजी आई
देश में 2014-16 के दौरान साइबर जालसाजी की शिकायतों की संख्या में तेजी देखी गई। विभिन्न एजेंसियों ने 6100 से ज्यादा मामले दर्ज किए। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अहीर ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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