नई दिल्ली, प्रेट्र। केंद्रीय सूचना आयोग ने गृह सचिव को असम के चिरांग जिले में हुए फर्जी मुठभेड़ पर तैयार सीआरपीएफ के पूर्व आइजी रजनीश राय की रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इससे पहले भी दो बार सूचना आयोग ने उन्हें इस संबंध में रिपोर्ट पेश करने को कहा था, लेकिन वह इसमें असफल रहे थे। इसी लापरवाही के बाद आयोग ने यह कड़ा आदेश जारी किया है।
बता दें कि चिरांग के शिमलागुड़ी में 29-30 मार्च, 2017 की रात को एक एनकाउंटर में दो बोडो उग्रवादियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया था। इस पर अपनी जांच रिपोर्ट में राय ने मुठभेड़ को फर्जी करार दिया था। उसे मानवाधिकार का उल्लंघन बताया। इसी रिपोर्ट की एक प्रति आरटीआइ आवेदन के तहत मांगी गई है।

सुनवाई के दौरान गृह मंत्रालय की तरफ से पेश सचिव को सूचना आयुक्त यशोव‌र्द्धन आजाद ने याद दिलाया कि वह सूचना के अधिकार कानून (आरटीआइ) के तहत किसी भी रिकार्ड को तलब कर सकते हैं। सरकारी कार्यालयों से जुड़े दस्तावेजों के संबंध में कानून उन्हें दीवानी अदालत की शक्तियां प्रदान करता है।

सूचना आयुक्त ने कहा कि मंत्रालय सूचना के अधिकार कानून की धारा 18 (4) का संज्ञान ले और रिपोर्ट को आयोग के सामने पेश करे। आयोग ने कहा कि एक बार रिपोर्ट देखने के बाद ही वह इस संबंध में कोई अगला आदेश जारी करेंगे।

बता दें कि इससे पहले सीआरपीएफ ने सूचना के अधिकार कानून की धारा-24 का हवाला देते हुए इस संबंध में कोई भी जानकारी देने से इन्कार कर दिया था। इसके तहत मानव अधिकारों के उल्लंघन से जुड़े मामले में ही सुरक्षा बलों से सूचनाएं मांगी जा सकती हैं। बता दें कि इस संबंध में जब मामला आयोग पहुंचा था तो सीआरपीएफ ने बताया था कि रिपोर्ट गृह मंत्रालय के पास है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh