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LPG सिलिंडर वालों को मिलेंगे 500 रुपए, जानिए किन ग्राहकों के लिए आई खुशखबरी

Published: Tue, 06 Oct 2026 06:00 PM (IST)

त्योहारी सीजन से पहले इंडियन ऑयल ने 'छोटू' 5 किलोग्राम एलपीजी सिलिंडर पेश किया है, जो प्रवासी और कम खपत ...और पढ़ें

सिलिंडर वापसी पर ग्राहकों को 500 रुपये का रिफंड मिलेगा।

सिलिंडर वापसी पर ग्राहकों को 500 रुपये का रिफंड मिलेगा।

HighLights

  1. इंडियन ऑयल ने 'छोटू' 5 किलो एलपीजी सिलिंडर लॉन्च किया।

  2. सिलिंडर वापसी पर ग्राहकों को 500 रुपये का रिफंड मिलेगा।

  3. त्योहारी सीजन में रसोई गैस की खपत बढ़ने की संभावना है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अक्टूबर में त्योहारी सीजन को देखते हुए रसोई गैस की खपत बढ़ने की पूरी संभावना है। मिडिल ईस्ट संकट के बाद LPG संकट से निपटने के लिए सरकार की ओर से तरह-तरह के कदम उठाए गए। इनमें से एक बड़ा कदम छोटू सिलिंडर था। जिसका सरकारी तेल कंपनियों ने जोर-शोर से प्रचार-प्रसार भी किया था।

किसके लिए है छोटू सिलिंडर?

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड छोटू के नाम से यह सिलिंडर बेचती है। इसमें 5 किलोग्राम एलपीजी होता है। ये प्रवासी लोगों के लिए लॉन्च किया गया है। (जो लोग काम के सिलसिले में बाहर आकर बसे हैं) इसके साथ ही ये छोटू सिलिंडर उन लोगों के लिए भी है जिनकी गैस की खपत कम है या जिनके पास जगह कम है।

ग्राहक 'इंडेन' डिस्ट्रीब्यूटरशिप के बड़े नेटवर्क और बिक्री के अन्य केंद्रों जैसे इंडियन ऑयल रिटेल आउटलेट, चुनिंदा किराना स्टोर और चुनिंदा लोकल सुपरमार्केट से अपना 'छोटू' गैस सिलिंडर ले सकते हैं। सिलिंडर रिफिल देश भर में किसी भी बिक्री केंद्र या डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर जाकर लिया जा सकता है।

सिलिंडर वापसी पर मिलेंगे 500 रुपये

छोटू सिलिंडर खरीदने के लिए किसी भारी भरकम सिक्योरिटी डिपॉजिट की जरूरत नहीं होती। ग्राहक जब भी चाहें सिलिंडर वापस कर 500 रुपये की निश्चित राशि रिफंड पा सकते हैं, चाहें उन्होंने इसे कितने भी दिनों तक इस्तेमाल किया हो।

इस सिलिंडर को देश के किसी भी बिक्री केंद्र या इंडेन डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर ले जाकर आसानी से रिफिल कराया जा सकता है। ग्राहक प्वाइंट ऑफ सेल्स के जरिए मात्र 25 रुपये प्रति रिफिल का अतिरिक्त डिलीवरी चार्ज देकर होम डिलवरी की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

सितंबर में क्यों कम हुई LPG की मांग

पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, सितंबर महीने में एलपीजी की खपत में सलाना आधार पर 9.15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो घटकर 26.36 लाख टन रह गई। पिछले साल इसी महीने में यह आंकड़ा 29.02 लाख टन था।

मांग कम होने के क्या कारण है

पश्चिम एशिया संकट के बाद सरकार ने रसोई गैस निर्भरता कम करने के लिए PNG के नेटवर्क को तेजी से बढ़ाया है। वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद कई व्यावसायिक उपभोक्ताओं ने इंडक्शन और इलेक्ट्रिक चूल्हों जैसे वैकल्पिक साधनों को अपनाया है।

हालांकि अक्टूबर में त्योहारों की शुरुआत के साथ ही घरेलू और कमर्शियल दोनों ही श्रेणियों में एलपीजी की मांग में दोबारा उछाल आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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