राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। आधी-अधूरी तैयारी के बीच 39वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का शुभारंभ गुरुवार की सुबह केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मझौले उद्योग मंत्री नितिन गडकरी करेंगे। इस दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री सोमप्रकाश भी उपस्थित रहेंगे। हालांकि उद्घाटन के बाद भी मंत्री महोदय मेला नहीं घूम पाएंगे क्योंकि बुधवार देर शाम तक एक भी मंडप या हॉल इस स्थिति में नहीं था कि सुबह उसका अवलोकन किया जा सके।

मेले का थीम

27 नवंबर तक चलने वाले मेले का थीम इस बार इज ऑफ डूइंग बिजनेस रखा गया है। साझेदार देश अफगानिस्तान तो फोकस देश दक्षिण कोरिया रहेगा। इसी तरह साझेदार राज्य झारखंड व फोकस राज्य बिहार को बनाया गया है। नवीनीकरण कार्य के चलते इस बार भी व्यापार मेला कमोबेश 50 फीसद से भी कम हिस्से में हॉल नं. 7, 8, 9, 10, 11, 12 व 12ए में आयोजित हो रहा है। करीब एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में हैंगर लगाने की व्यवस्था भी चल रही है।

मेले में 20 देशों के 135 भागीदार शिरकत करेंगे

इस बार मेले में 20 देशों के 135 भागीदार शिरकत करेंगे, जिसमें पिछले चार सालों की तरह पाकिस्तान नहीं होगा। मेले में करीब 800 स्टॉल रहेंगे, जिनमें 150 विदेशी कंपनियों के होंगे। हॉल नं. 7ई में थीम मंडप बनाया जा रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम पर केवल राज्य दिवस समारोह ही आयोजित होंगे।

शुरुआती पांच दिन व्यापारी दर्शकों के लिए रहेंगे

शुरुआती पांच दिन व्यापारी दर्शकों के लिए रहेंगे, जबकि शेष नौ दिन आम दर्शकों के लिए। टिकट दर में कोई इजाफा नहीं किया जा रहा है। टिकट 66 मेट्रो स्टेशनों और बुक माय शो के जरिये मिलेंगे। एक बार में सिर्फ 35 हजार दर्शकों को ही प्रवेश मिलेगा।

मेघालय रहेगा नदारद, जम्मू-कश्मीर का एक ही मंडप

राज्य मंडपों में मेघालय की कमी इस बार भी खलेगी। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अब भले ही अलग-अलग राज्य बन गए हों, लेकिन व्यापार मेले में पूर्ववर्ती व्यवस्था के तहत लद्दाख भी जम्मू-कश्मीर मंडप का ही हिस्सा रहेगा।

महात्मा गांधी पर होगा विशेष मंडप

व्यापार मेले में इस बार दर्शकों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की विरासत से भी रूबरू होने का मौका मिलेगा। देश-विदेश के प्रतिभागी लगातार 14 दिन तक उनकी स्मृतियों से न केवल खुद को जुड़ा महसूस करेंगे, बल्कि छाया चित्रों के रूप में उन्हें अपने साथ सहेज भी पाएंगे।

शनिवार व रविवार को टिकट होगा मंहगा

व्यापार मेले के पहले पांच दिन (14 से 18 नवंबर) केवल व्यापारी दर्शकों के लिए होंगे, जिनके लिए प्रवेश टिकट 500 रुपये प्रति व्यक्ति प्रति दिन होगा, जबकि पूरे सत्र का एकमुश्त टिकट 1800 रुपये का होगा। आम दर्शकों के लिए 19 नवंबर से मेला खुलेगा, जिसमें बच्चों के लिए 40 तथा वयस्कों के लिए 60 रुपये का टिकट होगा। शनिवार व रविवार को वयस्कों का टिकट 120 रुपये तो बच्चों का टिकट 60 रुपये का मिलेगा। 19 नवंबर से वरिष्ठ नागरिकों व दिव्यांगों के लिए प्रवेश नि:शुल्क रखा गया है।

मंडप अब तक नहीं हैं पूरी तरह तैयार

राज्य मंडप सोमवार देर शाम तक तैयार नहीं हो पाए थे। हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ इत्यादि के मंडप तैयार करने का काम चल ही रहा है। उत्तर प्रदेश मंडप को बाहर से पूरी तरह भगवा रंग दिया गया है। गोरखपुर के मठ को भी इसमें जगह दी गई है। काशी विश्वनाथ मंदिर और अयोध्या के घाट की झलक भी यहां मिलेगी।

मेले को सीमित आकार में ही समेटा जा रहा

स्थानाभाव के कारण इस बार भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले को सीमित आकार में ही समेटा जा रहा है। इसलिए बहुत कुछ नया तो नहीं होगा, लेकिन महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष के मद्देनजर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को फोकस करने के लिए एक विशेष मंडप अवश्य बनवाया जा रहा है। प्रदूषण के कारण दर्शकों को परेशानी न हो, इसका भी ध्यान रखा जाएगा- हेमा मैती, महाप्रबंधक, भारतीय व्यापार संवर्धन परिषद (आइटीपीओ)।

 

Posted By: Bhupendra Singh

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