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स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में अधिक फैट, शुगर वाले फूड बेचने पर प्रतिबंध की तैयारी

Published: Fri, 04 Sep 2026 12:08 AM (IST)

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) स्कूलों और कॉलेजों के 50 मीटर के दायरे में अधिक फैट, शुगर और ...और पढ़ें

स्कूलों के पास शुगर वाले फूड बेचने पर प्रतिबंध की तैयारी। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

स्कूलों के पास शुगर वाले फूड बेचने पर प्रतिबंध की तैयारी। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. FSSAI स्कूलों के 50 मीटर दायरे में जंक फूड पर प्रतिबंध।

  2. बच्चों को स्वस्थ खान-पान के लिए 'ईट राइट' पहल का हिस्सा।

  3. प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट में, उपभोक्ता जागरूकता पर भी जोर।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बच्चे देश के भविष्य हैं। बच्चों की खान पान की आदत को सुधारकर उन्हें चुस्त तंदरुस्त बनाने की कोशिश के तहत भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) स्कूलों और कालेजों के कैंपस और उसके 50 मीटर के दायरे में अधिक फैट, शुगर (चीनी) और नमक वाले खाने की बिक्री पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है।

FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रजित पुन्हानी ने एएनआई से कहा कि प्रस्तावित नियम का मकसद स्कूलों में FSSAI की 'ईट राइट' पहल को और बेहतर बनाना और बच्चों को कम उम्र से ही अधिक फैट, नमक और चीनी वाले खाने की चीजें खाने से रोकना है।

रजित ने कहा, हमारा 'ईट राइट' अभियान के तहत बच्चों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश की जा रही है। इसलिए स्कूलों में शुरू किए जा रहे 'ईट राइट स्कूल्स' कैंपेन के अलावा हमारे पास ड्राफ्ट रेगुलेशन भी है जिसमें कैंपस और उसके 50 मीटर के दायरे में ज्यादा फैट, नमक और शुगर वाले खाने की बिक्री पर रोक लगाने का प्रविधान है।

यह एक प्रस्ताव है जिसे हमने माननीय सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश किया है और माननीय सुप्रीम कोर्ट इस पर फैसला लेगा। उन्होंने बताया कि FSSAI नियमों के साथ-साथ उपभोक्ताओं को जागरूक करने और उनके व्यवहार में बदलाव लाने वाले उपायों को भी अपना रहा है।

उपभोक्ताओं को खाद्य सुरक्षा से जुड़ी सटीक जानकारी देना जरूरी

रजित ने कहा कि उपभोक्ताओं को खाद्य सुरक्षा और पोषण से जुड़ी सटीक व साक्ष्य-आधारित जानकारी मिलना जरूरी ताकि वे सही और स्वस्थ विकल्प चुन सकें।

'इलनेस टू वेलनेस' फाउंडेशन द्वारा आयोजित 'स्वस्थ राष्ट्र के लिए स्वस्थ पोषण' पर 'इलनेस टू वेलनेस' कॉन्फ्रेंस में रजित ने कहा, भोजन को सुरक्षित, पौष्टिक और नियमों के अनुरूप बनाए रखना FSSAI की बुनियादी जिम्मेदारी है, वहीं उपभोक्ताओं को सही जानकारी देकर उन्हें सही भोजन का सही चुनाव करने में सक्षम बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

उन्होंने लोगों को सही खान-पान चुनने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिशों के तहत 'ईट राइट स्कूल', 'ईट राइट कैंपस' जैसी पहलों और जागरूकता अभियानों का जिक्र किया। रजित ने यह भी कहा कि FSSAI आने वाले त्योहारों के मौसम से पहले नियमों को सख्ती से लागू करने की तैयारी कर रहा है और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के उल्लंघन की जांच के लिए कई जगहों पर छापेमारी की जा चुकी है।

(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)

 

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