नई दिल्ली, पीटीआई। लॉकडाउन के चौथे चरण के अंतिम दिन पीएम मोदी ने मन की बात के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कोरोना वायरस से मुकाबला करने के लिए योग और आयुर्वेद को अहम बताया। उन्होंने कहा कि हॉलीवुड से लेकर हरिद्वार तक, लाखों लेगों ने कोरोना वायरस के संकट के बीच योग पर गंभीरता से ध्यान दिया है।

प्रधानमंत्री ने लोगों से आयुष मंत्रालय द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन योग प्रतियोगिता में भाग लेने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्वास्थ्य संकट के दौरान मेरी विश्व के कई नेताओं के साथ बात हुई है। इन दिनों, उनकी बहुत ज्यादा दिलचस्पी योग और आयुर्वेद के संबंध में होती है। कुछ नेताओं ने मुझसे पूछा कि कोरोना के इस काल में योग और आयुर्वेद कैसे मदद कर सकते हैं।

21 जून को 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस' का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि योग लोगों के जीवन के साथ एकीकृत हो रहा है। लोगों के अंदर स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता भी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा, 'वर्तमान कोविड-19 महामारी के दौरान, यह देखा गया गया है कि हॉलीवुड से लेकर हरिद्वार तक लोग घर में रहते हुए इसपर गंभीरता से ध्यान दे रहे हैं। लोग हर जगह योग के बारे में अधिक जानना चाहते हैं और उसे अपनाना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि कितने ही लोग, जिन्होंने कभी योग नहीं किया, वो भी या तो ऑनलाइन योग क्लास से जुड़ रहे हैं या फिर ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से भी योग सीख रहे हैं। पीएम ने कहा कि वर्तमान स्वास्थ्य संकट के दौरान, योग सबसे अधिक महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि कोरोना वायरस श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। योग में विभिन्न प्राणायाम हैं जो श्वसन प्रणाली को मजबूत करते हैं।

आयुष मंत्रालय ने 'My Life, My Yoga' शीर्षक से अपनी अंतर्राष्ट्रीय वीडियो ब्लॉग प्रतियोगिता शुरू की है जिसमें दुनिया भर के लोग भाग ले सकते हैं। भाग लेने के लिए, लोगों को तीन मिनट का वीडियो बनाना होगा और उसे अपलोड करना होगा। इस वीडियो में आपको योग या आसन करना है और योग के माध्यम से आपके जीवन में हुए परिवर्तनों के बारे में बताना है।

Posted By: Manish Pandey

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