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'वायु सेना को दी जाए रेस कोर्स की जमीन', पूर्व IAF चीफ की राजनाथ सिंह को चिट्ठी

Published: Tue, 03 Nov 2026 03:57 PM (IST)

पूर्व एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर नई दिल्ली के रेस कोर्स एयर ...और पढ़ें

पूर्व एयर चीफ मार्शल ने रक्षा मंत्री को लिखी चिट्ठी (फाइल फोटो)

पूर्व एयर चीफ मार्शल ने रक्षा मंत्री को लिखी चिट्ठी (फाइल फोटो)

HighLights

  1. पूर्व एयर चीफ मार्शल ने रक्षा मंत्री को पत्र लिखा।

  2. रेस कोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को सील करने पर चिंता।

  3. 40 एकड़ जमीन वायु सेना के नियंत्रण में रहे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूर्व एयर चीफ मार्शल एपी सिंह अपने पद से 31 अक्टूबर 2026 को रिटायर हो गए। लेकिन IAF चीफ के पद से रिटायर होने से कुछ दिन पहले उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखा।

पूर्व एयर चीफ मार्शल ने नई दिल्ली के रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन पर भारतीय वायु सेना (IAF) के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को सील किए जाने को लेकर चिंता जताई।

पूर्व एयर चीफ मार्शल ने राजनाथ सिंह को लिखा पत्र

समाचार एजेंसी पीटीआई ने मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से बताया कि एयर चीफ मार्शल ने पद पर रहते हुए 26 अक्टूबर को रक्षा मंत्री को पत्र लिखा।

पूर्व एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि 40 एकड़ से अधिक जमीन का यह हिस्सा वायु सेना के नियंत्रण में ही रहना चाहिए। एपी सिंह ने 31 अक्टूबर को अपने रिटायरमेंट से तीन दिन पहले, 29 अक्टूबर को राजनाथ सिंह के साथ हुई मुलाकात में भी यह मुद्दा उठाया था।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) के तहत आने वाले अधिकारियों द्वारा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को सील किए जाने के बाद, उन्होंने रक्षा मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की। इस घटना से रक्षा हलकों में चिंता पैदा हो गई है।

इस परिसर में गोल्फ कोर्स, स्विमिंग पूल और अन्य सुविधाएं मौजूद हैं। इसे सील किए जाने के कारण, रिटायर हो रहे एयर चीफ मार्शल के लिए आयोजित होने वाला विदाई समारोह भी रद करना पड़ा।

इस मामले पर न तो IAF और न ही रक्षा मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है। IAF ने ऑपरेशनल (परिचालन संबंधी) चिंताओं को उठाया है।

एपी सिंह ने अपने पत्र में 2014 में जमीन के इस हिस्से के लिए किए गए एक संयुक्त सर्वे का जिक्र किया, जिसे तत्कालीन शहरी विकास मंत्रालय, डिफेंस एस्टेट डिपार्टमेंट और वायु सेना ने मिलकर किया था।

पूर्व एयर चीफ मार्शल ने तर्क दिया कि यह जमीन IAF (भारतीय वायु सेना) के पास ही रहनी चाहिए, क्योंकि एयर स्टेशन के कामकाज में इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की अहम भूमिका है।

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