तिरुअनंतपुरम निगम में भाजपा को झटका, पूर्व डीजीपी श्रीलेखा पार्षद पद से ने दिया इस्तीफा
पूर्व डीजीपी आर. श्रीलेखा ने तिरुअनंतपुरम नगर निगम के पार्षद पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे भाजपा के सामने राजनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है।

पूर्व डीजीपी श्रीलेखा ने तिरुअनंतपुरम निगम पार्षद पद से दिया इस्तीफा। (एएनआई)
HighLights
पूर्व डीजीपी आर. श्रीलेखा ने पार्षद पद से इस्तीफा दिया।
इस्तीफा मेयर को सौंपा, निगम सचिव को नहीं मिला।
भाजपा की सत्ता के लिए नई राजनीतिक चुनौती खड़ी हुई।
डिजिटल डेस्क, तिरुअनंतपुरम। तिरुअनंतपुरम नगर निगम में भाजपा के सत्ता में आने के कुछ महीने बाद पार्टी के सामने राजनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है। पूर्व डीजीपी और शास्तमंगलम की पार्षद आर. श्रीलेखा ने मेयर वीवी राजेश को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
राजेश ने इस्तीफा मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, श्रीलेखा ने अभी निगम सचिव को इस्तीफा नहीं सौंपा है, जो इसे स्वीकार करने के सक्षम अधिकारी हैं।
निगम के सचिव जे. मुहम्मद शफी ने कहा कि आर. श्रीलेखा की ओर से मेयर वी.वी. राजेश को सौंपा गया इस्तीफा मान्य नहीं है। इस्तीफा स्वीकार होने पर 101 सदस्यीय निगम में भाजपा के पार्षदों की संख्या घटकर 49 रह जाएगी। भाजपा फिलहाल एक निर्दलीय पार्षद के समर्थन से सत्ता में है।
वहीं, भाजपा पार्षद आर. सुगाथन एक मामले में जेल में हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, श्रीलेखा ने 30 सितंबर को इस्तीफा दिया और पांच अक्टूबर को इसकी प्रति जिला कलेक्टर को देने वाली हैं।
उन्होंने इस्तीफे के लिए व्यक्तिगत कारण का हवाला दिया है। उनके इस्तीफे के पीछे मेयर पद नहीं मिलने को लेकर कथित असंतोष की भी खबरें हैं। श्रीलेखा केरलम की पहली महिला आइपीएस अधिकारी और राज्य की पहली महिला डीजीपी रही हैं।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
