नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। वीवीआइपी हेलीकॉप्टर खरीद घोटाले के आरोपों में घिरे पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी अब रक्षा मंत्रालय के थिंकटैंक आइडीएसए से भी बाहर हो गए हैं। इस मामले में सीबीआइ जांच का सामना कर रहे त्यागी ने इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस एंड स्ट्रेटजिक एनालिसिस (आइडीएसए) की कार्यकारी परिषद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार सरकार की ओर से मिले संकेतों के बाद त्यागी ने रक्षा मंत्री एके एंटनी की अध्यक्षता वाली परिषद से त्यागपत्र दिया। एंटनी ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।

बताया जाता है कि हेलीकॉप्टर घोटाले में त्यागी का नाम आने के बाद से अपनी छवि को लेकर खासे सतर्क रक्षा मंत्री एंटनी आइडीएसए की किसी ऐसी बैठक में जाने से कतरा रहे थे, जहां उन्हें पूर्व वायुसेना अध्यक्ष के साथ मंच साझा करना पड़े। गौरतलब है कि इटली में भी भारत के साथ हुए इस सौदे में गड़बड़ी के आरोपों पर 19 जून से अदालती सुनवाई शुरू हो गई है। महत्वपूर्ण है कि रक्षा मंत्री की सिफारिश पर ही सीबीआइ अतिविशिष्ट लोगों के लिए हुई वीवीआइपी हेलीकॉप्टर खरीद में घोटाले की जांच कर रही है। इस मामले को लेकर पूर्व वायुसेना अध्यक्ष त्यागी व उनके भाइयों से पूछताछ हो चुकी है। इसके अलावा सीबीआइ ने अप्रैल में त्यागी बंधुओं के खाते भी सील कर दिए थे। घोटाले में शामिल भारतीय कंपनियों एयरोमैट्रिक्स इंफो सॉल्यूशंस और आइडीएस इंफोटेक के बैंक खातों को जांच एजेंसी पहले ही सील कर चुकी है।

एसपी त्यागी के वायुसेना प्रमुख रहते ही इस सौदे के लिए इतालवी कंपनी की ब्रिटिश इकाई अगस्ता-वेस्टलैंड से खरीद को हरी झंडी दी गई थी। रक्षा मंत्री संसद में यह स्वीकार कर चुके हैं कि 2007 में मंत्रालय के एतराज के बावजूद वायुसेना ने विदेश में ही हेलीकॉप्टर के परीक्षण कर लिए थे। इस 3600 करोड़ रुपये के वीवीआइपी हेलीकॉप्टर सौदे में 362 करोड़ रुपये की रिश्वत के आरोप हैं।

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