अगरतला (जेएनएन)। केरल में मानसून ने मई माह के अंतिम दिनों में दस्तक दे दी थी। तभी से राज्यभर में बारिश का दौर जारी है। लेकिन इधर पिछले दो-तीन दिन से बारिश का प्रकोप बढ़ गया है। राज्यभर में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। कोझिकोड और कुन्नूर जिले में भारी बारिश के कारण 9 वर्षीय एक बच्ची समेत 3 लोगों की मौत हो गई जबकि 10 लोग लापता बताए जा रहे हैं। कोझिकोड के कट्टीपारा में भूस्खलन में 8 लोग फंसे बताए जा रहे हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन टीम और राज्य की टीम प्रभावित इलाकों में मौजूद है। केरल के सीएम ने मुख्य सचिव और जिला कलेक्टर को तत्काल राहत कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इस बीच कट्टीपारा से बाढ़ का एक वीडियो सामने आया है जो किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकता है।

पूर्वोत्तर भी मानसूनी बारिश से बेहाल
दक्षिणी पश्चिम मानसून पूर्वोत्तर के अधिकांश हिस्से तक पहुंच गया है। भारी बारिश से त्रिपुरा और मिजोरम के कई इलाके डूब गए हैं। त्रिपुरा में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है। कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। घर और धान के खेत डूब गए हैं। अधिकांश नदियों का बहाव खतरे के निशान को पार कर गया है। भूस्खलन से त्रिपुरा और मिजोरम में यातायात पर बुरा प्रभाव पड़ा है। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने सबसे ज्यादा प्रभावित उत्तरी हिस्से का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने निचले इलाके के लोगों से सुरक्षित स्थानों या राहत कैंपों में चले जाने का आग्रह किया है।

त्रिपुरा CM ने केंद्र से मांगी सहायता
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने बाढ़ के हालात से निपटने के लिए गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मदद मांगी है। केंद्र सरकार से अनुरोध कर तत्काल सैन्य सहायता और बचाव दल की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन दल को बढ़ाने का अनुरोध किया है। त्रिपुरा के आपदा प्रबंधन ने बताया कि भूस्खलन, पेड़ गिरने या बाढ़ से उफनती नदी में मछली पकड़ने के दौरान चार लोग मारे गए हैं। बुधवार दोपहर तक 6500 परिवारों के 1500 लोग 200 राहत शिविरों में शरण लेने के लिए पहुंच चुके थे।  

मणिपुर में भी बारिश के बाद हालाक नाजुक
पवन हंस का एक हेलीकॉप्टर तैयार रखा गया है और वायुसेना से फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए दो और हेलीकॉप्टर मुहैया कराने का आग्रह किया गया है। मणिपुर में भी रविवार रात से ही बारिश हो रही है। भारी बारिश से बाढ़ की आशंका को लेकर लोग भयभीत हैं। सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।

असम में भी बाढ़ से आफत
असम में बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। बोकाखत सहित कई इलाकें जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ की वजह से आम लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोगों के घर पानी में डूब गए हैं और उसके अंदर रहना असंभव है। नदियों में पानी बढ़ गया है। इसके कारण कई क्षेत्रों में पानी भर गया है। असम में ब्रह्मपुत्र नदी के स्तर से ऊपर बहने के कारण बाढ़ ने हजारों लोगों को प्रभावित किया है। 

लुमडिंग-बदरपुर हिल स्टेशन पर भारी बारिश के कारण भूस्खलन होने से 4 ट्रेनें रद कर दी गई है। प्रभाविक इलाके में किसी यात्री ट्रेन के गुजरने की इजाजत नहीं है। इलाके में सुधार का कार्य जारी है।

मौसम विभाग के मुताबिक तटीय कर्नाटक, केरल असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश हो सकती है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, दक्षिण कोंकण और गोवा में भारी बारिश होने की संभावना है। बाढ़ संभावित इलाकों से परिवारों को हटा लिया गया है। कई आवासीय इलाके, घर, धान के खेत पानी में डूब गए हैं। 

Posted By: Srishti Verma