फ्लाइट टिकट कैंसिल होने पर रिफंड के क्या हैं नियम? GST अपीलेट ट्रिब्यूनल का बड़ा फैसला
GST अपीलेट ट्रिब्यूनल ने फ्लाइट टिकटों पर यात्रियों को किराया और टैक्स वापस करने पर GST रिफंड को लेकर एयरलाइंस के लिए नियम तय किया है।
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फ्लाइट कैंसिल पर नया नियम (फोटो-रॉयटर्स)
HighLights
एयरलाइंस रद्द टिकटों पर GST रिफंड मांग सकती हैं।
यात्रियों को किराया और टैक्स वापस करना होगा।
सिंगापुर एयरलाइंस को ब्याज सहित रिफंड मिलेगा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। GST अपीलेट ट्रिब्यूनल ने एक अहम फैसला सुनाया है। 'सिंगापुर एयरलाइंस लिमिटेड बनाम कोच्चि CGST और CE कमिश्नर' मामले में यह फैसला आया है।
अगर एयरलाइंस कैंसिल हुई फ्लाइट टिकटों के लिए यात्रियों को किराया और टैक्स दोनों वापस कर देती हैं और अपने पास मौजूद दस्तावेजों से इसे साबित कर सकती हैं, तो वे इन टिकटों पर चुकाए गए गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के रिफंड का दावा कर सकती हैं।
एयरलाइंस भी कर सकती हैं GST रिफंड का दावा
GST अपीलेट ट्रिब्यूनल (GSTAT) की एर्नाकुलम बेंच ने पाया कि इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि रिफंड सीधे यात्रियों तक पहुंच गया था और एयरलाइंस ने टैक्स का बोझ किसी और पर नहीं डाला था।
ट्रिब्यूनल ने राजस्व विभाग को निर्देश दिया कि वह सिंगापुर एयरलाइंस के रिफंड दावे को दो सप्ताह के भीतर प्रोसेस करे और ब्याज सहित पूरी रकम का भुगतान करे।
सिंगापुर एयरलाइंस लिमिटेड बनाम कोच्चि CGST और CE कमिश्नर मामवे में यह फैसला अक्टूबर 2019 से मार्च 2021 की अवधि के दौरान किए गए GST रिफंड के आठ दावों से जुड़ा है, जिनकी कुल रकम 45.92 लाख रुपये है।
COVID-19 के दौरान फ्लाइट रद करने पर किया था पूरा रिफंड
कोविड-19 महामारी के दौरान, सिंगापुर एयरलाइंस ने कई उड़ानें रद कर दी थीं और यात्रियों को GST सहित पूरा किराया वापस कर दिया था। हालांकि, एयरलाइंस अपने आउटपुट टैक्स दायित्व के खिलाफ इन क्रेडिट नोट्स को एडजस्ट नहीं कर पाई थी।
GST ज्वाइंट कमिश्नर ने एयरलाइंस के इन रिफंड के दावों को खारिज कर दिया था, जिसके बाद ये मामला ट्रिब्यूनल के सामने पहुंचा। 16 अक्टूबर को दिए अपने आदेश में, GSTAT ने पिछले फैसले को पलट दिया।
ट्रिब्यूनल ने मानी टैक्स रिफंड वाली बात
ट्रिब्यूनल ने माना कि सिंगापुर एयरलाइंस यात्रियों से वसूले गए और टैक्स विभाग को जमा किए गए GST के रिफंड की हकदार है। ऐसा इसलिए है क्योंकि महामारी के दौरान उड़ानें रद होने पर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार एयरलाइंस ने यात्रियों को GST सहित पूरा किराया वापस कर दिया था।
ट्रिब्यूनल ने यह भी निष्कर्ष निकाला कि एयरलाइंस ने इस बात के पर्याप्त सबूत दिए हैं कि कैंसिल हुई टिकटों का रिफंड सीधे संबंधित यात्रियों तक पहुंच गया था और टैक्स का बोझ किसी और पर नहीं डाला गया था।
