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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Amit Shah Viral Video: अमित शाह के फर्जी वीडियो मामले में पांच कांग्रेस कार्यकर्ता गिरफ्तार, ये है पूरा मामला

Published: Fri, 03 May 2024 06:00 AM (IST)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के फर्जी वीडियो मामले में तेलंगाना पुलिस ने पांच कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

अमित शाह के फर्जी वीडियो मामले में पांच कांग्रेस कार्यकर्ता गिरफ्तार
अमित शाह के फर्जी वीडियो मामले में पांच कांग्रेस कार्यकर्ता गिरफ्तार

 जेएनएन, नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के फर्जी वीडियो मामले में तेलंगाना पुलिस ने पांच कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। तेलंगाना कांग्रेस के मीडिया संयोजक कमल मेदागोनी ने गुरुवार को कहा कि तेलंगाना इंटरनेट मीडिया संयोजक नवीन और तसलीमा सहित पांच लोगों को तेलंगाना भाजपा की शिकायत के आधार पर तेलंगाना पुलिस की साइबर अपराध इकाई ने गिरफ्तार किया है।

भाजपा की शिकायत पर इंटरनेट मीडिया संयोजक धरे गए

दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम मामले में जांच करने तेलंगाना कांग्रेस के मुख्यालय पहुंची, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। इससे पहले मंगलवार को दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक आपरेशंस (कारड) यूनिट ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के वीडियो से छेड़छाड़ करके प्रसार के संबंध में सात से आठ राज्यों में 16 व्यक्तियों को समन जारी किया था।

भाजपा देश में आरक्षण के खिलाफ

कथित फर्जी वीडियो में केंद्रीय गृह मंत्री को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि भाजपा देश में आरक्षण के खिलाफ है। हालांकि, भाजपा ने वायरल क्लिप को फर्जी बताया है। समन आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 91 और 160 के तहत जारी किया गया था, जिसमें संबंधित व्यक्तियों को जांच में शामिल होने और सुबूत के रूप में प्रासंगिक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रदान करने के लिए कहा गया था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, तलब किए गए लोगों में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी समेत तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस के छह सदस्य शामिल हैं। उन्हें कई राज्यों के अन्य व्यक्तियों के साथ एक मई को दिल्ली के द्वारका में आइएफएसओ इकाई में पूछताछ के लिए उपस्थित होने के लिए कहा गया था।

सीआरपीसी धारा 160 पुलिस को किसी व्यक्ति को जांच के लिए बुलाने की अनुमति देती है, जबकि धारा 91 पुलिस को सुबूत के रूप में प्रस्तुत करने के लिए विशिष्ट दस्तावेजों या गैजेट्स की तलाश करने की अनुमति देती है। इससे पहले, भाजपा की तेलंगाना इकाई ने सीएम और कांग्रेस के राज्य प्रमुख रेवंत रेड्डी के खिलाफ साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें पार्टी पर अमित शाह के भाषण को गढ़ने और उसमें बदलाव करने का आरोप लगाया गया था।

तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस ने शेयर किया वीडियो

शिकायत में कहा गया है कि तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर अमित शाह का एक रूपांतरित और मनगढ़ंत वीडियो पोस्ट किया। कांग्रेस शासित तेलंगाना में एक सार्वजनिक बैठक में अपने संबोधन के दौरान शाह ने कहा, अगर भाजपा यहां सरकार बनाती है, तो हम यहां मुसलमानों के लिए असंवैधानिक आरक्षण वापस ले लेंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि एससी,एसटी और ओबीसी को गारंटी के अनुसार कोटा मिले।

जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष का बेटा भी फंसा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का फेक वीडियो को प्रसारित करना जम्मू-कश्मीर राज्य कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रमण भल्ला के बेटे जय सिद्ध भल्ला को भारी पड़ गया। एक वकील की शिकायत पर जम्मू त्रिकुटा नगर पुलिस थाने में जय भल्ला पर मामला दर्ज किया गया है। भल्ला कांग्रेस के जम्मू रियासी संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी हैं।

इस सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को मतदान हुआ था। गिरफ्तारी से बचने के लिए जय भल्ला ने कोर्ट की शरण ली, जिस पर प्रधान सत्र जज जम्मू संजय परिहार ने आठ मई तक उनको अग्रिम जमानत दे दी। कोर्ट ने जय सिद्ध भल्ला को 50 हजार रुपये निजी बांड के तौर पर कोर्ट में जमा करवाने के निर्देश दिए है।

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