अहमदाबाद विमान हादसे की कब आएगी फाइनल रिपोर्ट? AAIB ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
एएआईबी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अहमदाबाद विमान दुर्घटना की जांच डीजीसीए की आंतरिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत विशेषज्ञों के साथ हो रही है।

अहमदाबाद विमान हादसे की फाइनल रिपोर्ट

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अहमदाबाद में जून 2025 में हुए एअर इंडिया उड़ान हादसे की जांच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) अधिकारियों तक सीमित 'इन-हाउस' या आंतरिक प्रक्रिया नहीं है।
यह जांच अंतरराष्ट्रीय एविएशन प्रोटोकाल के तहत विशेषज्ञों की भागीदारी के साथ एएआइबी द्वारा की जा रही है। जांच की अंतिम रिपोर्ट अक्टूबर के पहले सप्ताह में सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष पेश की जाएगी।
यह दलील प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जायमाल्या बागची तथा जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष फेडरेशन आफ इंडियन पायलट्स और मृतक पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल के पिता द्वारा दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दी गई, जिसमें दुर्घटना की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की गई थी और जांच के तरीके पर चिंता जताई गई थी।
अहमदाबाद विमान हादसे में गई थी 260 लोगों की जान
गौरतलब है कि 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही एआई-171 (बोइंग 787-8) उड़ान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से 260 लोगों की मौत हो गई थी।
फेडरेशन आफ इंडियन पायलट्स की ओर से पेश होते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि सिमुलेशन जांच का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। कैप्टन सभरवाल के पिता की ओर से पेश हुए वकील प्रशांत भूषण ने जांच की गति और तरीके पर सवाल उठाए।
इन दलीलों का जवाब देते हुए, एएआइबी की ओर से पेश सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह आरोप गलत है। कहा कि जांच 'एयरक्राफ्ट (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियम' और उन अंतरराष्ट्रीय समझौतों के अनुसार की जा रही है, जिनका भारत भी पक्षकार है।
प्रोटोकॉल के तहत हो रही जांच: मेहता
मेहता ने कोर्ट को बताया कि अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकाल के तहत, उन देशों के मान्यता प्राप्त प्रतिनिधि और विशेषज्ञ भी जांच में शामिल हो रहे हैं, जिनके नागरिक पीड़ितों में शामिल थे।
एएआईबी ने कोर्ट को यह भी बताया कि जांच में सिमुलेशन और तकनीकी विश्लेषण भी शामिल हैं, ताकि क्रैश से जुड़ी घटनाओं के क्रम को फिर से समझा जा सके और इसके कारण का पता लगाया जा सके।
मेहता ने पीठ को भरोसा दिलाया कि जांच की अंतिम रिपोर्ट इस साल अक्टूबर तक सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के सामने पेश कर दी जाएगी। पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, पीठ ने एएआइबी के आश्वासन पर गौर किया और इसे रिकार्ड में दर्ज किया। मामले की अगली सुनवाई अक्टूबर में तय की गई है।
