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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Farmers Protest Update: कृषि मंत्री से मिले यूपी के किसान, कृषि कानूनों के पक्ष में दिया समर्थन; कल प्रदर्शनकारी किसान लेंगे फैसला

By Sanjeev TiwariEdited By:
Published: Tue, 22 Dec 2020 05:18 PM (IST)Updated: Tue, 22 Dec 2020 07:08 PM (IST)

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि यूपी से कुछ किसान नेता कृषि कानूनों को अपना समर्थन देने ...और पढ़ें

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर फोटो एएनआई
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर फोटो एएनआई

नई दिल्ली, एजेंसी। नए कृषि कानून के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र​ सिंह तोमर की किसान संघर्ष समिति और भारतीय किसान यूनियन के नेताओं के साथ कृषि भवन में बैठक हुई। बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि यूपी से कुछ किसान नेता कृषि कानूनों को अपना समर्थन देने के लिए आज मुझसे मिले। उनका कहना है कि तीन कानूनों में कोई संशोधन नहीं किया जाना चाहिए। तोमर ने कहा कि किसान संघर्ष समिति, गौतम बुद्ध नगर, यूपी और भारतीय किसान यूनियन, नई दिल्ली के प्रतिनिधियों ने नए कृषि कानूनों के पक्ष में ज्ञापन दिया। उन्होंने पीएम को धन्यवाद दिया और कहा कि इन कानूनों से किसानों की स्थिति में सुधार होगा और उन्हें निरस्त नहीं किया जाना चाहिए। वहीं किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता कुलवंत सिंह संधू ने बताया कि बुधवार को किसान नेताओं का सरकार से चर्चा पर फैसला होगा।

अपनी मांगों पर अड़े किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता

किसान आंदोलन का आज 27वां दिन है। इस बीच किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा है कि सरकार तय कर चुकी है कि कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी। उन्होंने जो चिट्ठी जारी की है, उसमें लिखा है कि अगर किसान कानूनों में बदलाव चाहते हैं तो बातचीत की तारीख और समय बता दें। ये सरकार का समाधान के लिए कदम बढ़ाना नहीं है, बल्कि किसानों से धोखा है। आम आदमी को लगेगा कि किसान जिद पर अड़े हैं, लेकिन हकीकत ये है कि हम कानूनों में बदलाव चाहते ही नहीं, बल्कि चाहते हैं कि ये वापस लिए जाएं।

सरकार और किसान नेताओं के बीच बातचीत पर फैसला कल

दिल्ली के सिंधु बार्डर पर चल रहे आंदोलन में किसानों ने सरकार के साथ बातचीत का फैसला कल होगा। किसान नेता कुलवंत सिंह संधू ने बताया कि बुधवार को किसान नेताओं का सरकार से चर्चा पर फैसला होगा। सरकार की तरफ से रविवार रात किसानों को बातचीत के न्योते की चिट्ठी भेजी गई थी। दूसरी तरफ किसान नेता हन्नान मुला ने कहा कि सरकार दिखावा कर रही है। एजेंडे पर चर्चा नहीं चाह रही। बातचीत करनी है तो हमारे एजेंडे पर ही हो।

किसानों ने कहा- हम ब्रिटिश सांसदों से कहेंगे कि वे अपने PM को भारत आने से रोकें

किसान नेता कुलवंत सिंह संधु ने सिंघु बॉर्डर पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 26 जनवरी पर होने वाले आयोजन के लिए ब्रिटिश PM बोरिस जॉनसन भारत आने वाले हैं। हम वहां के सांसदों को लिखेंगे कि वे उन्हें भारत आने से रोकें। जब तक कि केंद्र सरकार किसानों की मांगें नहीं मान लेती।

'सरकार पुराने प्रपोपल पर ही बात करना चाहती है'

किसानों नेताओं का कहना है कि सरकार ने 5 पेज का गोलमोल प्रस्ताव भेजा है। इसमें पुरानी बातों पर ही जोर है। सरकार ने वही पॉइंट भेजे जो 9 दिसंबर के प्रस्ताव में थे। सरकार पुराने प्रस्ताव पर बातचीत चाहती है। कानून रद करने और एमएसपी पर नया कानून लाने की मांग पर चर्चा नहीं चाहती।