यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Farmers Protest Update: कृषि मंत्री से मिले यूपी के किसान, कृषि कानूनों के पक्ष में दिया समर्थन; कल प्रदर्शनकारी किसान लेंगे फैसला
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि यूपी से कुछ किसान नेता कृषि कानूनों को अपना समर्थन देने ...और पढ़ें

नई दिल्ली, एजेंसी। नए कृषि कानून के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की किसान संघर्ष समिति और भारतीय किसान यूनियन के नेताओं के साथ कृषि भवन में बैठक हुई। बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि यूपी से कुछ किसान नेता कृषि कानूनों को अपना समर्थन देने के लिए आज मुझसे मिले। उनका कहना है कि तीन कानूनों में कोई संशोधन नहीं किया जाना चाहिए। तोमर ने कहा कि किसान संघर्ष समिति, गौतम बुद्ध नगर, यूपी और भारतीय किसान यूनियन, नई दिल्ली के प्रतिनिधियों ने नए कृषि कानूनों के पक्ष में ज्ञापन दिया। उन्होंने पीएम को धन्यवाद दिया और कहा कि इन कानूनों से किसानों की स्थिति में सुधार होगा और उन्हें निरस्त नहीं किया जाना चाहिए। वहीं किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता कुलवंत सिंह संधू ने बताया कि बुधवार को किसान नेताओं का सरकार से चर्चा पर फैसला होगा।
Decision on Centre's letter for talks to be taken on Wednesday, says farmer leader Kulwant Singh Sandhu at presser on Delhi's Singhu border
— Press Trust of India (@PTI_News) December 22, 2020
अपनी मांगों पर अड़े किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता
किसान आंदोलन का आज 27वां दिन है। इस बीच किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा है कि सरकार तय कर चुकी है कि कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी। उन्होंने जो चिट्ठी जारी की है, उसमें लिखा है कि अगर किसान कानूनों में बदलाव चाहते हैं तो बातचीत की तारीख और समय बता दें। ये सरकार का समाधान के लिए कदम बढ़ाना नहीं है, बल्कि किसानों से धोखा है। आम आदमी को लगेगा कि किसान जिद पर अड़े हैं, लेकिन हकीकत ये है कि हम कानूनों में बदलाव चाहते ही नहीं, बल्कि चाहते हैं कि ये वापस लिए जाएं।
This is not a step forward by the govt but a way to trick farmers. A normal person would think that farmers are stubborn but the fact is that we don't seek amendments in farm laws, we want them to be completely shunned: Sarwan Singh Pandher, Kisan Mazdoor Sangharsh Committee https://t.co/dNXYRg0l6U" rel="nofollow
— ANI (@ANI) December 22, 2020
सरकार और किसान नेताओं के बीच बातचीत पर फैसला कल
दिल्ली के सिंधु बार्डर पर चल रहे आंदोलन में किसानों ने सरकार के साथ बातचीत का फैसला कल होगा। किसान नेता कुलवंत सिंह संधू ने बताया कि बुधवार को किसान नेताओं का सरकार से चर्चा पर फैसला होगा। सरकार की तरफ से रविवार रात किसानों को बातचीत के न्योते की चिट्ठी भेजी गई थी। दूसरी तरफ किसान नेता हन्नान मुला ने कहा कि सरकार दिखावा कर रही है। एजेंडे पर चर्चा नहीं चाह रही। बातचीत करनी है तो हमारे एजेंडे पर ही हो।
किसानों ने कहा- हम ब्रिटिश सांसदों से कहेंगे कि वे अपने PM को भारत आने से रोकें
किसान नेता कुलवंत सिंह संधु ने सिंघु बॉर्डर पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 26 जनवरी पर होने वाले आयोजन के लिए ब्रिटिश PM बोरिस जॉनसन भारत आने वाले हैं। हम वहां के सांसदों को लिखेंगे कि वे उन्हें भारत आने से रोकें। जब तक कि केंद्र सरकार किसानों की मांगें नहीं मान लेती।
The UK PM is scheduled to visit India on 26th January. We are writing to British MPs asking them to stop the UK PM from visiting India till the time farmers' demands are not met by the Indian government: Kulwant Singh Sandhu, farmer leader from Punjab at Singhu border https://t.co/m2Z0ReXFrd" rel="nofollow
— ANI (@ANI) December 22, 2020
'सरकार पुराने प्रपोपल पर ही बात करना चाहती है'
किसानों नेताओं का कहना है कि सरकार ने 5 पेज का गोलमोल प्रस्ताव भेजा है। इसमें पुरानी बातों पर ही जोर है। सरकार ने वही पॉइंट भेजे जो 9 दिसंबर के प्रस्ताव में थे। सरकार पुराने प्रस्ताव पर बातचीत चाहती है। कानून रद करने और एमएसपी पर नया कानून लाने की मांग पर चर्चा नहीं चाहती।
