नई दिल्ली। दैनिक जागरण एक ऐसा ब्रांड है जो खबरों की दुनिया में अपनी विश्वसनीयता के लिए पहचाना जाता है। किसी भी तरह की खबर हो अगर उसकी सच्चाई जाननी है तो जागरण एक विश्वसनीय स्रोत है। यहां हम बात दैनिक जागरण अखबार ही नहीं बल्कि जागरण डिजिटल की भी बात कर रहे हैं, जिसमें jagran.com, vishvasnews.com जैसी वेबसाइट आती हैं। jagran.com जहां आपको देश, दुनिया, खेल जगत, बिजनेस और आपके गली मोहल्ले तक की ताजा-तरीन खबरें पहुंचाता है। वहीं vishvasnews.com उन खबरों की गहराई से पड़ताल करता है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। vishvasnews.com विश्वसनीयता का दूसरा नाम बनता जा रहा है, यही कारण है कि फेसबुक ने भी फैक्ट चेकिंग की अपनी कोशिशों के लिए भारत में vishvasnews.com को अपना पार्टनर घोषित किया है।

Facebook ने सोमवार को बताया कि उसने भारत में अपने थर्ड पार्टी फैक्ट चेकिंग प्रोग्राम को आगे बढ़ाया है और इसमें vishvasnews.com सहित पांच सहयोगियों को जोड़ा गया है। दुनिया का सबसे बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook भी फेक न्यूज से लड़ने की अपनी मुहिम पर है। फेक न्यूज से दो-दो हाथ करना अब निहायत ही जरूरी हो चुका है। फेक न्यूज की वजह से कई तरह की अफवाहें फैलती हैं, जिससे लोगों का नजरिया बदल सकता है, दंगे हो सकते हैं और कहीं भी अचानक उपद्रव भड़क सकता है। खासकर ऐसे वक्त में जब लोकसभा चुनाव 2019 में कुछ ही वक्त बचा है, फेसबुक की इस मुहिम को सराहनीय कदम कहा जा सकता है।

Facebook न सिर्फ उसके प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किए गए आर्टिकल्स को रिव्यू करता है, बल्कि उसने फोटो और वीडियो की जांच करने के लिए भी एक सक्षम टीम गठित की है। इस टीम का काम यही है कि वह फेक फोटो और वीडियो को अपने प्लेटफॉर्म से तुरंत हटा दे। ताकि इस तरह की फेक फोटो, वीडियो और खबर से किसी तरह की भ्रांति या अफवाह न फैले।

vishvasnews.com के अलावा इंडिया टु़डे ग्रुप, फैक्टली, न्यूजमोबाइल और फैक्ट क्रिसेंडो को भी Facebook ने अपनी इस मुहिम का हिस्सेदार बनाया है। vishvasnews.com के साथ ही यह सहयोगी भी फेसबुक पर शेयर की जा रही खबरों के फैक्ट चैक करेंगे। यह सभी सहयोगी फेसबुक पर पोस्ट किए गए आर्टिकल, फोटो और वीडियो की सटीकता की जांच करेंगे। यह सब काम हिंदी और अंग्रेजी के अलावा बंगाली, तेलुगु, मलयालम और मराठी में भी किया जाएगा।

फेसबुक इंडिया न्यूज पार्टनरशिप के प्रमुख मनीष खंडूरी ने कहा- हम Facebook पर गलत खबरों के प्रसार के खिलाफ लड़ने के लिए वचनबद्ध हैं। खासतौर पर 2019 के लोकसभा चुनाव के दौर में यह जरूरी हो गया है। अफवाहों पर रोक लगाने का एक कारगर जरिया यही हो सकता है कि हम थर्ड पार्टी फैक्ट चैकर्स की मदद लें और झूठ को फैलने से रोकें। अब हमारे पास देशभर में 6 भाषाओं में 7 सहयोगी हैं, जो हमारे लिए फैक्ट चैक करेंगे। उन्होंने कहा- इस तरह की कोशिशें चलती रहेंगी, क्योंकि गलत लोग अपना काम करने का तरीका बदलते रहते हैं। हम कम से कम समय में ऐसे लोगों पर रोक लगाना चाहते हैं। हमें अफवाह फैलाने वालों से दो कदम आगे रहना है, इसलिए हम सहयोगियों के साथ मिलकर उनके खिलाफ लड़ेंगे।

भारत सरकार ने भी सोशल मीडिया कंपनियों से कहा है कि अगर चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है तो उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। यही नहीं सरकार आईटी नियमों में भी बदलाव करने जा रही है, जिससे सोशल मीडिया, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप की जवाबदेही बढ़ेगी और उन्हें अफवाह फैलने से रोकने के लिए कदम उठाने होंगे।

Posted By: Digpal Singh

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