नई दिल्ली, एजेंसी। देश में कोरोना संक्रमितों की वास्तविक संख्या 30 गुना ज्यादा है जो मौजूदा 3.16 करोड़ के आंकड़े के हिसाब से 90 करोड़ बैठती है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ( आइसीएमआर ) के चौथे सीरो सर्वे के आंकड़ों के आधार पर स्वतंत्र महामारी रोग विशेषज्ञ डाॅ. चंद्रकात लहारिया ने यह दावा किया है। उनके मुताबिक प्रत्येक कोरोना संक्रमित पर 30 मामले छूट गए या उनका पता ही नहीं चल पाया।

महामारी रोग विशेषज्ञ ने कहा- संक्रमितों का पता लगाने में राज्यों की सक्रियता विश्लेषण से मालूम

हालांकि, डाॅ. लहारिया ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इसका मतलब यह नहीं है कि जानबूझकर मामलों को दर्ज नहीं किया गया। उनके इस विश्लेषण से मामलों पर निगरानी रखने के लिए बनाई गई प्रणाली के प्रदर्शन का पता चलता है। साथ ही यह भी मालूम होता है कि किस राज्य ने संक्रमितों का पता लगाने में कितनी सक्रियता दिखाई।

देश के 70 जिलों की चौथी सीरो सर्वे रिपोर्ट: 67.6 फीसद लोगों में कोरोना के खिलाफ एंटीबाडी मिली थी

देश के 70 जिलों में कराए गए चौथे सीरो सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक 67.6 फीसद लोगों में कोरोना के खिलाफ एंटीबाडी मिली थी। किसी वायरस से संक्रमित होने या उसका टीका लगाने के बाद शरीर में उस वायरस के खिलाफ एंटीबाडी बनती है।

डाॅ. लहारिया ने कहा- बहुत ज्यादा मामले बिना लक्षण वाले थे

डाॅ. लहारिया ने कहा कि बहुत ज्यादा मामले बिना लक्षण वाले थे इसलिए उनके दर्ज नहीं किए जाने की संभावना है। अगर बेहतर तरीके से संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की तलाश की गई होती तो बिना लक्षण वाले मामले भी पकड़ में आ गए होते।

Edited By: Bhupendra Singh