नई दुनिया, इंदौर। देश की नामी कंपनी और एक अंग्रेजी न्यूज चैनल की वाइस प्रेसिडेंट बनकर करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाली युवती को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ इंदौर के पलासिया थाने में भी 50 लाख रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज है। सूचना पर इंदौर क्राइम ब्रांच ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया है।

पुलिस के मुताबिक एक महीने पहले ट्रैवल एजेंसी संचालक शैलेंद्र खरे (अनूप नगर), पवन चेलानी (प्रेमनगर), नीतू मंगलानी (विष्णुपुरी) और नितेंद्र खरे (श्रीनगर) की शिकायत पर पायल सैमुअल के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया था। फरियादियों ने पुलिस को बताया था कि पायल ने खुद को देश की नामी कंपनी की वाइस प्रेसिडेंट बताया और अंतरराष्ट्रीय और घरेलू टिकट बुक करवाकर करीब 50 लाख रुपये ऐंठ लिए। पुलिस एक महीने से उसकी तलाश में जुटी हुई थी।

बड़े व्यवसायी ने 21 लाख रुपये की धोखाधड़ी
पांच दिन पूर्व सूचना मिली कि पायल को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मुंबई से पकड़ लिया। उसके खिलाफ दिल्ली के बड़े व्यवसायी ने 21 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच पुलिस के इंस्पेक्टर किशन कुमार के मुताबिक फरियादी ट्रैवल एजेंसी संचालक रवि पटेल (लाजपत नगर दिल्ली) को पायल ने खुद को अंग्रेजी न्यूज चैनल का वाइस प्रेसिडेंट बताया और एयर टिकट, फॉरेन एक्सचेंज और होटल बुकिंग करवाकर 21 लाख की चपत लगाई थी। पायल बार-बार नंबर बदल लेती थी। क्राइम ब्रांच को गोपनीय नंबर की जानकारी मिली और ऑब्जर्वेशन में रखा गया। जैसे ही वह पुणे से मुंबई पहुंची, उसे एक ऑटो रिक्शा में बैठते वक्त पकड़ लिया।

कंपनी की अधिकारी बन कइयों को ठगा 
फरियादी शैलेंद्र खरे के मुताबिक उनकी टूर्स एंड ट्रेवल्स एजेंसी है। अगस्त 2015 में परिचित फैज मोहम्मद के जरिये पायल ने संपर्क किया। उसने कहा कि वह एक कंपनी की वाइस प्रेसिडेंट है। उसने विजिटिंग कार्ड, पैन कार्ड और जीएसटी नंबर भी वाट्सएप कर दिए।
पायल ने कहा कि कंपनी के अधिकारियों को मीटिंग के सिलसिले में विदेश जाना-आना पड़ता है। कंपनी से जुड़ने पर 50 लाख रुपये तक का व्यवसाय मिल सकता है। पायल ने एयर टिकट्स बुक करवाए और करीब 49 लाख रुपये ठग लिए। इसी तरह नितेंद्र खरे को 3.22 लाख, नीतू मंगलानी को 2.50 लाख और पवन चेलानी को 3.22 लाख रुपये की चपत लगाकर फरार हो गई।

अमीर बनने की चाह में नौकरी छोड़ ठग बनी 
पुलिस के मुताबिक, पायल मूलत: भोपाल की रहने वाली है। बीटेक (थर्ड ईयर) के बाद कुछ मीडिया संस्थानों में काम किया। जल्द अमीर बनने की चाहत में उसने नौकरी छोड़ दी और लोगों को ठगना शुरू कर दिया। पायल के खिलाफ भोपाल में अजय अग्रवाल, धीरज जैन की शिकायत पर भी केस दर्ज है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh