मुंबई, एएनआइ। प्रर्वतन निदेशालय (ED) ने शनिवार को मुंबई कोर्ट में हलफनामा दाखिल करते हुए पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में करोड़ों रुपये के घोटाले के मुख्य आरोपी फरार हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) को भगोड़ा करार देने की मांग की है। साथ ही ED ने कोर्ट से कहा कि मेहुल चोकसी को हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया जाए, जिसमें वह जल्‍द से जल्‍द भारत लौटने की निश्‍चित तारीख का उल्‍लेख करे।

ED ने कहा, ‘मामले की जांच में मेहुल चोकसी ने कभी सहायता नहीं की। उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ और तो और इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया है। इसके बावजूद उसने भारत वापस लौटने से इंकार कर दिया, इसलिए वह भगोड़ा है।

ED ने मुंबई कोर्ट के समक्ष कहा कि चोकसी को एंटीगुआ से भारत लाने के लिए वह मेडिकल एक्‍सपर्ट के साथ एयर एंबुलेंस उपलब्‍ध कराने को तैयार है। भारत में उसके इलाज की समुचित व्‍यवस्‍था भी की जाएगी। बता दें कि चोकसी ने अदालत से गुहार लगाई थी कि ED द्वारा अदालत में दायर उस आवेदन को खारिज किया जाए जिसमें उसे एक भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की मांग की गई है।

इसके पहले चोकसी ने कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा था कि विदेश में चिकित्सा जांच और इलाज करवाने के लिए उसने जनवरी 2018 में देश छोड़ा था। हलफनामे में कहा, ‘मैंने देश को संदिग्ध परिस्थितियों में नहीं छोड़ा है।’ मेहुल ने खुद को भगोड़ा घोषित करने के खिलाफ ये हलफनामा दायर करते हुए कहा था, 'मैं इलाज के लिए विदेश आया हूं। देश छोड़कर भागा नहीं हूं।'

चोकसी ने हलफनामे में यह भी कहा था कि फिलहाल मैं इलाज के लिए एंटीगुआ में रह रहा हूं, लेकिन जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार हूं। उसने कहा कि कोर्ट को अगर यह उचित लगे तो जांच अधिकारी को वह एंटीगुआ में भेजने का निर्देश दे सकते हैं। वहीं  चोकसी ने यह भी बताया था कि वह जांच में सीधे रूप से शामिल होना चाहता है, लेकिन इलाज के कारण भारत नहीं आ सकता।

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