विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

उत्तर प्रदेश सहित 5 राज्यों में चुनाव की डेट हुई फाइनल? कब होगा तरीखों का एलान, EVM पर आया बड़ा अपडेट

Published: Tue, 13 Oct 2026 10:08 PM (IST)

चुनाव आयोग उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब सहित पांच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुट गया है।

उत्तर प्रदेश सहित 5 राज्यों में चुनाव की डेट हुई फाइनल?

उत्तर प्रदेश सहित 5 राज्यों में चुनाव की डेट हुई फाइनल?

HighLights

  1. चुनाव आयोग पांच राज्यों में तैयारियों में जुटा।

  2. 15 दिसंबर के बाद कभी भी चुनाव घोषणा संभव।

  3. EVM की पहले चरण की जांच शुरू हुई।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। SIR में गड़बड़ी को लेकर विपक्षी दल भले ही चुनाव आयोग को घेरने में जुटे है, लेकिन इससे बेफ्रिक चुनाव आयोग अगले साल यानी 2027 के शुरू में ही उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब सहित पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में शिद्दत से जुट गया है।

आयोग ने राज्यों में चुनावी तैयारियों को जांचने के लिए अधिकारियों की टीमें भेजना शुरू दिया है। इसके तहत पहली टीम उत्तराखंड भेजी गई है। जो संकेत मिल रहे है, उनमें चुनाव आयोग भी 15 दिसंबर तक पांचों राज्यों का दौरा पूरा कर लेगा। ऐसे में 15 दिसंबर के बाद इन पांचों राज्यों के विधानसभा चुनाव कभी भी घोषित हो सकते है।

पांच राज्यों की चुनावी तैयारियों में जुटा आयोग

आयोग से जुड़े अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, पांचों चुनावी राज्यों में से अधिकारियों के स्तर पर चुनावी तैयारियों को जांचने का काम 15 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इनमें उत्तर प्रदेश को छोड़ दें तो बाकी चारों राज्यों में चुनावी तैयारियों को जांचने के लिए अधिकारियों की यह दौरा अक्टूबर महीने में ही पूरा हो जाएगा।

जबकि नवंबर के पहले या दूसरे हफ्ते में अधिकारियों की टीमें उत्तर प्रदेश जाएंगी। अधिकारियों के इस दौरे के पूरा होने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों के साथ चुनाव आयोग का दौरा शुरू होगा।

15 दिसंबर के बाद कभी भी हो सकता है चुनाव का एलान

योजना के मुताबिक ये दौरा भी 15 दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। ऐसे में इसके बाद कभी भी चुनाव घोषित हो सकते है। वैसे भी आयोग के दौरे के बाद यह माना जाता है कि अब चुनाव का एलान कभी भी हो सकता है। गौरतलब है कि 2022 में इन पांचों राज्यों के चुनाव की घोषणा आठ जनवरी को हुई थी।

चुनावों में इस्तेमाल होने वाली वाली ईवीएम के पहले चरण की शुरू हुई जांच

चुनावी तैयारियों के इस क्रम में चुनाव आयोग ने पांचों राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम के पहले चरण की जांच (एफएलसी) भी शुरू कर दी है।

इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी की देखरेख और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड व इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के अधिकृत इंजीनियर की ओर से ईवीएम मशीनों की तकनीकी जांच दी जाती है। साथ ही यह सुनिश्चित करते है कि चुनाव में इस्तेमाल के कौन सी मशीनें ठीक है।

इसकी शुरूआत से पहले मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को इसकी जानकारी दी जाती है, ताकि वह उस दौरान मौजूद रहे। इस दौरान राजनीतिक दलों की मौजूदगी में ही वेयर हाउस को खोला जाता है। साथ ही इंजीनियरों की टीम को पहचान पत्र के साथ अंदर लाया जाता है। इस दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त भी रहते है, साथ ही सीसीटीवी के जरिए रिकॉर्डिंग भी की जाती है।

इंजीनियर मशीन के हर हिस्से यानी कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट व वीवीपैट की बारीकी से जांच करते हैं। और देखते है कि सभी उपकरण असली हैं और सही से काम कर रहे हैं। एक-एक मशीन की साफ-सफाई की जाती है और पुरानी बैटरी को बदलकर नई मूल बैटरी लगाई जाती है।

इसके बाद राजनीतिक दलों की मौजूदगी में प्रत्येक मशीनों पर एक मॉक पोल कराया जाता है और यह देखा जा रहा है कि मशीनें सही से काम कर रही है। ठीक से काम करने वाली मशीनों को ग्रीन स्लिप लगातार राजनीतिक दलों की मौजूदगी में स्ट्रॉन्ग रूप में शिफ्ट किया जाता है।