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एसआईआर विवाद के बीच चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, 20 राज्यों में छूटे वोटरों को जोड़ने के लिए चलेगा विशेष अभियान

Published: Fri, 02 Oct 2026 11:39 AM (IST)

चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया के दौरान वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के आरोपों के बाद एक विशेष अभियान ...और पढ़ें

SIR वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों को लेकर चुनाव आयोग का विशेष अभियान (फोटो-पीटीआई)

SIR वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों को लेकर चुनाव आयोग का विशेष अभियान (फोटो-पीटीआई)

HighLights

  1. चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया पर विशेष अभियान शुरू किया।

  2. छूटे हुए और नए वोटरों को लिस्ट में जोड़ा जाएगा।

  3. BLO घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे, फॉर्म 6 भरवाएंगे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में करोड़ों लोगों के वोटर लिस्ट से नाम कटने के आरोप लगे। इन आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत 20 राज्यों में जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटे हैं, उनसे संपर्क किया जाएगा।

चुनाव आयोग ने राज्य के चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे उन इलाकों में 'छूटे हुए' और नए वोटरों को तुरंत शामिल करने के लिए एक स्पेशल ड्राइव शुरू करें, जहां वोटर लिस्ट में सुधार का काम पूरा हो चुका है।

SIR को लेकर चुनाव आयोग का विशेष अभियान

चुनाव आयोग की इस स्पेशल ड्राइव का मकसद उन योग्य वोटरों को फिर से शामिल करना है जिन्हें गहन सुधार के दौरान छोड़ दिया गया था या हटा दिया गया था। इसके साथ ही पहली बार वोट देने वाले और युवा वोटरों का रजिस्ट्रेशन करना भी है।

चुनाव आयोग ने इस विशेष अभियान को लेकर गुरुवार को एक आधिकारिक सूचना जारी की। आयोग की तरफ से ये निर्देश राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) के साथ हुई एक वर्चुअल मीटिंग के बाद दिए गए।

चुनाव आयोग ने BLO को दिए निर्देश

चुनाव आयोग ने बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) को निर्देश दिया कि वे मौजूदा वोटर लिस्ट का SIR से पहले की लिस्ट से मिलान करें ताकि उन वोटरों की पहचान की जा सके जिनके नाम पहले लिस्ट में थे लेकिन फाइनल लिस्ट से हटा दिए गए थे।

BLOs पहचाने गए सभी छूटे हुए लोगों के लिए घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करेंगे। हर अधिकारी को हर हफ्ते 20 से 25 वोटरों को कवर करने का टारगेट दिया गया है, ताकि एक महीने के अंदर वेरिफिकेशन ड्राइव पूरी की जा सके।

BLOs नए योग्य युवा वोटरों और असल में छूटे हुए वोटरों से मौके पर ही फॉर्म 6 एप्लीकेशन लेंगे। इसके बाद पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लिस्ट सीधे मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) के साथ शेयर की जाएगी।

स्पेशल ड्राइव आयोजित करने का फैसला SIR के फैसलों को लेकर चुनाव आयोग के अंदर मतभेदों की खबरों के बीच भी आया है। हालांकि, EC ने कहा कि उसने SIR के सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए थे।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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