विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'जल्दबाजी न करें, राजनीतिक पार्टियों से लें मदद', SIR को लेकर महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने अधिकारियों को दिए निर्देश

Published: Fri, 02 Oct 2026 09:05 AM (IST)Updated: Fri, 02 Oct 2026 09:06 AM (IST)

महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में जल्दबाजी न करने और अपर्याप्त दस्तावेजों पर राजनीतिक दलों को शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने SIR पर चुनाव अधिकारियों को दिए निर्देश (प्रतीकात्मक फोटो)

महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने SIR पर चुनाव अधिकारियों को दिए निर्देश (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. SIR प्रक्रिया में जल्दबाजी न करने के निर्देश जारी।

  2. अधूरे दस्तावेजों पर राजनीतिक दलों को शामिल करने को कहा।

  3. योग्य मतदाताओं को सूची से बाहर न किया जाए सुनिश्चित करें।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर महाराष्ट्र के प्रमुख चुनाव अधिकारी ने बाकी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह से जल्दबाजी में कोई फैसला न लें।

प्रमुख चुनाव अधिकारी ने कहा है, अगर SIR नोटिस के खिलाफ जमा किए गए डॉक्यूमेंट्स काफी नहीं हैं, तो पॉलिटिकल पार्टियों के बूथ-लेवल एजेंट्स (BLAs) के साथ जानकारी शेयर करें और उन्हें जरूरी पेपर्स के लिए संबंधित वोटर्स से संपर्क करने के लिए समय दें।

SIR प्रक्रिया में पॉलिटिकल पार्टियों से मदद लें

SIR प्रक्रिया से महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट 9.8 करोड़ वोटर्स से घटकर 7.7 करोड़ हो गई है, जबकि 2 करोड़ से ज्यादा वोटर्स ने वोट दिया है। चुनाव आयोग की तरफ से इन लोगों को रोल कॉल नोटिस भेजे जा चुके हैं।

यह कदम SIR प्रक्रिया को पूरा करने के लिए इस बात की चिंता के बीच उठाया गया है कि एलिजिबल वोटर्स को पोल रोल से बाहर न किया जाए।

एक चुनाव अधिकारी ने कहा, 'इससे यह पक्का होगा कि अगर डॉक्यूमेंट्स काफी नहीं हैं, तो पॉलिटिकल पार्टियों को पूरी जानकारी रहे। ERO/AERO डॉक्यूमेंट्स और वेरिफिकेशन रिपोर्ट पर विचार करने के बाद ही आखिरी फैसला लिया जाएगा।'

1.2 करोड़ वोटरों को बिना मैप की एंट्री के लिए नोटिस जारी

महाराष्ट्र में 1.2 करोड़ वोटरों को बिना मैप की एंट्री या लॉजिकल गड़बड़ियों के लिए वोटर आईडी जारी की गई है। ये वोटर गैर-हाजिर, शिफ्ट किए गए, मरे हुए या किसी और वजह से इकट्ठा नहीं किए जा सके।

अधिकारियों को हर मामले की अच्छी तरह से जांच करने, वोटरों को और डॉक्यूमेंट जमा करने का मौका देने और यह पक्का करने का निर्देश दिया गया है कि कोई भी योग्य वोटर एनरोलमेंट या वोट देने के अधिकार से वंचित न रहे।

यह भी पढ़ें- कैप्टन मछार के अदम्य साहस पर डॉक्टर दोस्त का बड़ा बयान, बताया कैसे काम कर गई 'मसल मेमोरी'