नई दिल्ली, प्रेट्र। चुनाव आयोग ने विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाताओं के लिए भी इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट सिस्टम (ईटीपीबीएस) की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया है। अभी यह सुविधा सैन्यकर्मी मतदाताओं के लिए है। आयोग ने विधि मंत्रालय के विधायी सचिव को लिखे एक पत्र में कहा है कि सैन्यकर्मी मतदाताओं के मामले में ईटीपीबीएस को सफलतापूर्वक लागू करने के बाद अब वह इस सुविधा का विस्तार विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाताओं के लिए भी करने को लेकर आश्वस्त है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह इसके लिए तकनीकी तथा प्रशासकीय तौर पर तैयार है और इसे असम, बंगाल, केरल, तमिलनाडु तथा पुडुचेरी विधानसभाओं के चुनाव में लागू कर सकता है। 

चुनाव आयोग ने विधि मंत्रालय को भेजा पत्र

इन राज्यों में अगले वर्ष अप्रैल से जून के बीच चुनाव होने हैं। आयोग ने कहा है कि विदेश में रहने वाले भारतीय समुदाय से उसे कई ज्ञापन मिले हैं, जिनमें कहा गया है कि चुनाव के वक्त वे अपने क्षेत्र में मौजूद नहीं रह पाते हैं। मतदान के लिए भारत आना खर्चीला होने के साथ ही नौकरी, शिक्षा तथा अन्य व्यस्तताओं के कारण संभव नहीं हो पाता है। इसलिए उन्हें पोस्टल बैलेट से मतदान की सुविधा दी जाए।

कहा, सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर हैं आश्वस्त

आयोग ने कहा है कि जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 62 में कहा गया है कि मतदाता के रूप में दर्ज हर नागरिक को मतदान का अधिकार है, बशर्ते वह मतदान के लिए अयोग्य नहीं घोषित किया गया हो। इसलिए यह जरूरी है कि सभी योग्य मतदाताओं को मताधिकार का इस्तेमाल करने देने के लिए सभी उपाय किए जाने चाहिए। अनुमान के अनुसार, विदेश में रहने वाले 10-12 हजार मतदाता ही अपने क्षेत्र में वोट डाल पाते हैं, क्योंकि वे मतदान करने को भारत आने के लिए इतना ज्यादा खर्च नहीं करना चाहते हैं।

बता दें कि ईटीपीबीएस के तहत सैन्यकर्मी मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पोस्टल बैलेट भेजे जाते हैं, जो उसे डाउनलोड कर अपने मत के साथ एक विशेष लिफाफे में अपने क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी को भेज देते हैं। यह मतगणना के दिन सुबह आठ बजे तक निर्वाचन अधिकारी को मिल जाने चाहिए। मतगणना पोस्टल बैलेट की गिनती से ही शुरू होती है।

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