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वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करना अब पड़ेगा भारी, निलंबन के साथ होगी सजा; चुनाव आयोग का बड़ा फैसला

Published: Sun, 01 Nov 2026 11:00 PM (IST)

चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है। अब ऐसे मामलों ...और पढ़ें

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर चुनाव आयोग का कड़ा रुख

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर चुनाव आयोग का कड़ा रुख

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। वोटर लिस्ट तैयार करने की अहम जिम्मेदारी को हल्के में लेना अब भारी पड़ेगा। चुनाव आयोग ने पीलीभीत की गड़बड़ियों के सामने आने के बाद ऐसा करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों से सख्ती से निपटने का फैसला लिया है।

इसके तहत ऐसी गड़बड़ियों में शामिल अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व कानून ( आरपी एक्ट) के साथ अब भारतीय दंड संहिता ( बीएनएस) का धारा 198 में भी मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जिसमें एक साल की सजा और जुर्माना दोनों साथ-साथ होगा।

फिलहाल आयोग ने पीलीभीत में दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 198 के तहत मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया है। जो संभवतः चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर इस धारा के तहत कार्रवाई का पहला मामला होगा।

चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक अब तक ऐसे मामलों में चुनाव आयोग आरपी एक्ट के तहत ही कार्रवाई करता था। जिसमें निलंबन आदि की कार्रवाई होती थी।

हालांकि एसआईआर के बाद वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों का मामला जिस तरह से गरमाया हुआ है, उनमें आयोग से अब कड़े तेवर अपनाए है।

चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) की रिपोर्ट पर पीलीभीत में वोटर लिस्ट तैयार करने की गड़बड़ियों मे दोषी पाए गए दो मतदाता पंजीयन अधिकारी (ईआरओ) के साथ ही डाटा एंट्री ऑपरेटर को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया है। साथ ही इन्हें बगैर उसकी पूर्व अनुमति के सेवा में बहाल नहीं करने का भी आदेश दिया है।

गौरतलब है कि पीलीभीत मामले में जांच में सामने आया है कि कंप्यूटर ऑपरेटर ने बगैर आवेदन व दस्तावेजों के ही लगभग दस हजार मतदाता के नामों को जोडने व हटाने को लेकर गंभीर अनियमितताएं किया था। वहीं दोनों ईआरओ ने इन बदलावों को बगैर उचित जांच के मंजूरी दे दी।

अब तक इन धाराओं में दर्ज कराया गया था मुकदमा

आयोग के मुताबिक शुरुआती शिकायतों व जांच के बाद इन आरोपियों पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 32, जिसमें आधिकारिक कर्तव्यों का उल्लंघन करना है के साथ धोखाधड़ी व जालसाजी से जुड़ी अन्य सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा कायम किया गया था।

क्या है बीएसएस की धारा 198

बीएनएस की धारा 198 मुख्य रूप से लोक सेवकों यानी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा कानून की जानबूझकर अवहेलना करने और अपने पद का दुरुपयोग करने से संबंधित है। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारी को एक वर्ष तक का साधारण कारावास या जुर्माना या फिर दोनों सजाएं एक साथ दी जा सकती हैं।

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