नई दिल्ली, जेएनएन। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने आदिवासी बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए चल रहे एकलव्य आवासी विद्यालयों को 30 जून तक संबद्धता के लिए आवेदन करने की इजाजत दी है। सीबीएसई ने विशेष मामले के तौर पर इन विद्यालयों की संबद्धता के लिए समय बढ़ाते हुए विशेष लिंक तैयार किया है। इसके जरिये विद्यालय सरकारी स्कूल की तरह सीबीएसई से संबद्धता के लिए आवेदन कर सकते हैं। ये विद्यालय जनजातीय कार्य मंत्रालय के तहत आते हैं।

जनजातीय मंत्रालय के अवर सचिव पीके साहू ने एकलव्य विद्यालयों की सीबीएसई से संबद्धता के बारे में आ रही दिक्कतों का हल निकलने की जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि अभी तक कुल 433 एकलव्य मॉडल रेजीडेंशियल स्कूलों, पांच एकलव्य मॉडल डे बोर्डिग स्कूल और दो सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन स्पोर्टस को मंजूरी दी जा चुकी है।

पिछली फरवरी में हुई लोक लेखा समिति (पीएसी) बैठक में पेश रिकार्ड के मुताबिक इनमें से 226 स्कूल चालू हो चुके हैं जिनमें से 68 स्कूलों को सीबीएसई की संबद्धता मिल चुकी है और कई ने संबद्धता के लिए आवेदन कर रखा है। 17 जनवरी से 7 मार्च के बीच कई राज्यों ने मंत्रालय को बताया कि सीबीएसई संबद्धता के लिए आवेदन करने में कई दिक्कतें आ रही हैं। इस पर जनजातीय मंत्रालय ने सीबीएसई के साथ विचार विमर्श किया।

इसके बाद सीबीएसई ने मंत्रालय को स्पष्ट किया कि अन्य सरकारी महकमों जैसे रेलवे, रक्षा या अन्य मंत्रालयों के तहत आने वाले और राज्य सरकारों द्वारा चलाए जाने वाले स्कूलों को 2018 के नियमों के तहत सीबीएसई संबद्धता दी जाती है उसी तरह एकलव्य विद्यालयों को भी दी जाएगी।

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Posted By: Dhyanendra Singh

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